केजीएमयू: गठिया की बीमारी से पीड़ित बच्चों के लिए शुरू हो रही ओपीडी, प्रत्येक शनिवार को देखे जायेंगे मरीज

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। किंग जार्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (केजीएमयू) में गठिया रोग से पीड़ित बच्चों के लिए अलग से ओपीडी शुरू हो रही है। यह ओपीडी प्रत्येक शनिवार को चलाई जायेगी। यह जानकारी केजीएमयू के क्लिनिकल इम्यूनोलॉजी और रुमेटोलॉजी विभाग के एचओडी डॉ. पुनीत कुमार ने शुक्रवार को दी है। वह विभाग के 19वें स्थापना दिवस पर ब्राउन हाल में आयाजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। 

इस अवसर पर केजीएमयू की कुलपति प्रो सोनिया नित्यानंद ने विभाग में स्थापित टिस्सू कल्चर लैब को पुनः संचालित करने के लिये कहा है। विभागाध्यक्ष डॉ. पुनीत कुमार ने बताया की यह उत्तर भारत का प्रथम व पूरे भारत में चैनई और हैदराबाद के बाद तीसरा विभाग है। उत्तर भारत में केवल SGPGI के अलावा, यही एक विभाग गठिया जैसी गम्भीर बीमारीयों के इलाज के लिय काम कर रहा है। इस विभाग में लगभग 50 हजार मरीज प्रति वर्ष देखे जाते है। जिसमें दिन प्रतिदिन बच्चों की संख्या बढ़ती जा रही है। वहीं SGPGI के Clinical Immunology & Rheumatology विभाग की विभागाध्यक्ष डॉ. अमिता अग्रवाल ने बच्चों में होने वाले गठिया के बारे में बताया। वह करीब 34 साल से इस विषय पर काम कर रही हैं। दक्षिण पूर्व एशिया में बच्चों को होनी वाली गठिया पश्चिमी देशों से भिन्न है। इन बीमारीयो की पहचान जल्द ही करके उचित इलाज की जरूरत होती है। 

 गठिया रोग की जागरूकता बढ़ाने के लिय Post Graduate Rheumatology Quiz का आयोजन किया गया था, जिसमें अलीगढ़ एएमयू की टीम प्रथम, बीएचयू बनारस की टीम द्वितीय और बीआरडी गोरखपुर की टीम तीसरे स्थान पर रही। इस Quiz का संचालन अस्सिटेन्ट प्रोफेसर डॉ. मुकेश, डॉ. सयान, डॉ.  अभिलाष ने किया था। इन तीनों विजय टीमों को Vice Chancellor द्वारा कैश प्राइज के साथ-साथ गठिया की 2 पुस्तके इनाम स्वरूप भेट की गयी। इस अवसर पर पूर्व विभागध्यक्ष प्रो. उर्मिला धाकड़ समेत अन्य अस्सिटेन्ट प्रोफेसर, स्टूडेन्ट व कर्मचारी उपस्थित रहे।

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