अमेठी: नियुक्ति के बाद भी अस्पताल नहीं आती हैं दंत चिकित्सक, कबाड़ में तब्दील हो रहे उपकरण
अमेठी, अमृत विचार। जनपद के संग्रामपुर सीएचसी पर मरीजों को उपकरण व डॉक्टर की नियुक्ति होने के बाद भी दन्त चिकित्सा का लाभ नहीं मिल पा रहा है। मरीजों को दांत के इलाज के लिए प्राइवेट डॉक्टरों के पास जाना पड़ रहा है। जहां उनसे मनमानी फीस वसूली जा रही है।
संग्रामपुर सीएचसी पर स्वास्थ्य विभाग द्वारा दंत चिकित्सक रुकसार बानो की नियुक्ति बीते कई वर्षों से की गई है। रुकसार बानो नियुक्ति के बाद से ही मनमाने तरीके से ड्यूटी करती चली आ रही हैं। बताया जा रहा है कि अधीक्षक से मिली भगत कर सीएचसी नहीं आती हैं, रजिस्टर में खानापूर्ति के लिए मरीजों का नाम अंकित कर ड्यूटी चला रही हैं। मातृत्व अवकाश में रहने के बाद भी अस्पताल न आने पर अधीक्षक द्वारा अवकाश पर होने की बात कही जाती हैं। वही दांत के इलाज के लिए अस्पताल जाने वाले मरीजों का कहना है कि उन्होंने यहाँ मौजूद उपकरण और दंत चिकित्सक को कभी देखा ही नहीं। आयुष डॉक्टर और डॉक्टर संतोष सिंह से दांत दिखाकर दर्द के आराम के लिए दवा मिल जाती है। आराम न होने पर प्राइवेट दन्त चिकित्सक का सहारा लेना पड़ता है। जिससे हजारों रुपए खर्च हो जाते हैं।
लाखों खर्च फिर भी नही मिल रहा मरीजों को लाभ
स्वास्थ्य विभाग द्वारा संग्रामपुर सीएचसी पर दंत चिकित्सा के लिए लाखों रुपए के उपकरण खरीद कर रखे गए हैं जो कई सालों से एक ही कमरे में बंद पड़े होने के कारण धीरे-धीरे कबाड़ में तब्दील हो रहे हैं। दंत चिकित्सक को भी विभाग द्वारा वेतन जारी किया जा रहा है। संग्रामपुर सीएचसी क्षेत्र की जनता को इसका कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है।
क्या बोले सीएचसी अधीक्षक
संग्रामपुर सीएचसी अधीक्षक डॉ संतोष सिंह ने बताया कि दंत चिकित्सक रुकसार बानो का सीएचसी पर बीते कई वर्षों से नियुक्ति है। इस समय उन्होंने अवकाश लिया है। इसके पहले भी वह कई महीने मातृत्व अवकाश पर रही हैं। सीएचसी पर दंत चिकित्सा चेयर इंस्टॉल नहीं है। विभाग को दो बार पत्र भेजकर उपकरण व डेंटल चेयर को इंस्टॉल करने की मांग की गई है। लेकिन अभी तक डेंटल चेयर इंस्टॉल न होने से यहां आने वाले मरीजों का इलाज संभव नहीं हो पा रहा है। दन्त चिकित्सक की गैर मौजूदगी पर अस्पताल आने वाले मरीजों को देखकर मौजूद डॉक्टर द्वारा दर्द आदि के लिए सम्बंधित दवा दी जाती है।
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