Kannauj: लिपिक विमल पांडेय की जमानत याचिका मंजूर; रिश्वत के आरोप में एंटी करप्शन टीम ने पकड़ा था, अब इस रिपोर्ट का सभी को इंतजार
कन्नौज, अमृत विचार। एंटी करप्शन टीम कानपुर ने बीएसए कार्यालय में 29 फरवरी को वरिष्ठ लिपिक विमल पांडेय को रिश्वत लेने के आरोप में पकड़ा था। सदर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज होने के अगले दिन पहली मार्च को लखनऊ जेल भेज दिया गया था। 22 मार्च को प्रदेश की राजधानी की अदालत ने जमानत याचिका मंजूर कर ली।
बताया गया है कि एंटी करप्शन टीम ने जो कहानी गढ़ी थी उसमें काफी झोल निकले। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ने सारी सच्चाई बयां कर दी थी। वरिष्ठ लिपिक की ओर से पैरवी करने वाले अधिवक्ता ने फुटेज, फोटो, वायरल वीडियो समेत काफी साक्ष्य अदालत में लगाए। उसके बाद पैरवी की गई।
बताया यह भी गया है कि कुछ दिनों से जमानत याचिका में तारीखें लग रहीं थीं। 21 मार्च को भी सुनवाई होनी थी जो उस दिन नहीं हुई। अगले दिन सुनवाई के दौरान जमानत मंजूर हो गई। मार्च का चौथा शनिवार, 24 को रविवार व 25 को होली का अवकाश है। इस वजह से 26 मार्च को विमल पांडेय घर आ जाएंगे।
एएसपी की जांच रिपोर्ट का सभी को इंतजार
एंटी करप्शन टीम के सदस्य की ओर से वरिष्ठ लिपिक की पिटाई करने का सीसीटीवी फुटेज वायरल हुआ था। उससे पहले उन्नाव के शिक्षक ने भी विमल पांडेय पर जबरन रुपये गिराकर पिटाई की थी। साथ ही बीएसए कक्ष में लगा एनवीआर चोरी हो गया।
इन सबके बाद मामले की जांच एंटी करप्शन लखनऊ के एसपी राजेश कुमार ने एएसपी इंदु प्रभा सिंह को दी थी। दो दिनों तक उन्होंने मामले की जांच कर साक्ष्य एकत्र किए। साथ ही डीएम शुभ्रान्त शुक्ल व एसपी अमित आनंद से भी मुलाकात की थी। लोगों को इंतजार है कि आखिर एएसपी की जांच रिपोर्ट में क्या है और उस पर क्या कार्रवाई हुई।
हालांकि चर्चाएं हैं कि एक अधिकारी अपनी टीम पर कार्रवाई शायद ही करे। पुराने रिकार्ड को देखा जाए तो ज्यादातर अधिकारी बचाव ही करते हैं। हालांकि यह समय बताएगा कि एएसपी ने की जांच दिखावा थी या हकीकत की रिपोर्ट दी गई है।
