बलरामपुर: हत्या के मामले में पिता और दो बेटों को कोर्ट ने सुनाई आजीवन कारावास की सजा, लगाया 40 हजार का अर्थदंड

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Edited By Amrit Vichar
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बलरामपुर, अमृत विचार। अपर सत्र न्यायाधीश ने हत्या के मामले में पिता और दो पुत्रों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। न्यायाधीश ने दोषियों को 40-40 हज़ार रुपए अर्थदण्ड की सजा सुनाई है। 

अपर जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी नवीन कुमार तिवारी ने बताया कि विमलावती ने देहात कोतवाली बलरामपुर पर मुकदमा दर्ज करने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। आरोप लगाया था कि उसके लड़के विश्वेश्वर को 14 अक्टूबर 2010 को गांव के ही अरुण कुमार, तरुण कुमार और रामसागर घर से बुलाकर ले गए और गला दबाकर मौत के घाट उतार दिया। 

पुलिस ने मुकदमा लिखकर कर विवेचना के बाद तीनों के खिलाफ़ आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया। सत्र परिक्षण के दौरान सरकारी अधिवक्ता ने छह गवाहों को न्यायालय ने पेश किया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और पत्रावली का अवलोकन करने के न्यायाधीश सभी को हत्या का दोषी करार देते हुए सजा सुनाई। अर्थ दण्ड अदा न करने पर दोषियों को 15-15 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

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