लखनऊ: 36 महिला संविदाकर्मियों की सेवा समाप्त, दस साल से कर रहीं थी काम

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। करीब 10 साल पहले राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन में नर्स मेंटर के पद पर तैनात हुईं 36 महिलाओं की सेवा 31 मार्च को समाप्त हो गई। ऐसे में अब उनके सामने अर्थिक संकट खड़ा हो गया है। हालांकि इन सभी नर्स मेंटर की समस्याओं को देखते हुये संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन की निदेशक को पत्र लिखा है। जिसमें कहा गया है कि इन महिलाओं के कार्यानुभव को देखते हुये इनका समायोजन प्रशिक्षण केंद्रों पर किया जा सकता है।

संयुक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संघ के प्रदेश महामंत्री योगेश उपाध्याय ने बताया कि लगभग सभी नर्स मेंटर को ट्रेनिंग सेंटर पर संबद्ध कर नर्सिंग संवर्ग के प्रशिक्षण का कार्य लिया जा रहा था जिसके वजह से उनके मूल कार्य प्रभावित हो रहे थे। कार्यक्रम की रैंकिंग कम थी। इनके 10 वर्ष के कार्यानुभव को ध्यान में रखते हुए इनका समायोजन प्रतिशण केन्द्रों पर रिक्त पद के सापेक्ष किया जा सकता है ।

पूर्व में संविदा कर्मचारियों का समायोजन हुआ है, ऐसे में इस मामले में भी समायोजन का कार्य विभाग की तरफ से किया जा सकता है। वर्ष 2019 में उत्तर प्रदेश स्वास्थ्य प्रणाली सुदृढीकरण परियोजना (UPHSSP) के तहत लगभग 5000 कार्यरत संविदा कार्मिकों  की सेवा समाप्ति  के बाद उनका समायोजन राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत किया जा चुका है। इसी तरह नर्स मेंटर जिनकी सेवा समाप्त की जा चुकी है, उनको ट्यूटर अथवा अन्य समकक्ष पद पर सहानुभूति पूर्वक विचार करते हुए समायोजित करने के लिए मिशन निदेशक से अपील की गई है।

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