बरेली: 10 से 30 फीसदी बढ़े कॉपी-किताबों के दाम, बिगड़ा अभिभावकों का बजट
बरेली, अमृत विचार: नया शैक्षिक सत्र शुरू होने के साथ अभिभावकों की परेशानियां बढ़ गई हैं। निजी स्कूलों में बच्चे के दाखिले की फीस के साथ महंगी किताबों का बोझ भी उनकी जेब पर पड़ रहा है। निजी स्कूलों के दबाव में महंगी किताबें लेने को मजबूर अभिभावकों को निर्धारित दुकानों से यूनीफार्म लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
स्टेशनरी के दुकानदारों के अनुसार इस बार कागज और प्रिंटिंग महंगी हो गई है। इस वजह से कापी किताबों के दाम में भी 30 फीसदी तक की बढ़ोतरी हुई है। स्कूलों में रौनक बढ़ने के साथ स्टेशनरी की दुकानों पर अभिभावकों की भीड़ देखी जा रही है। किताबों की कीमतों में बढ़ोतरी के अलावा यूनीफार्म और बस्तों के दाम में भी 10 फीसदी वृद्धि हुई है।
यूनीफार्म के यह हैं रेट
सलवार-सूट 300 से 400, शर्ट 160 से 250, स्कर्ट 170 से 240, टीशर्ट 200 से 300 और लोअर 180 से 280 रुपये में मिल रहा है।
तय दुकानों से शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव
नावल्टी चौराहे के निकट एक दुकान से किताबों का सेट लेने पहुंचे अभिभावक सौरभ सक्सेना ने बताया कि स्कूल तय दुकानों से ड्रेस और शिक्षण सामग्री खरीदने का दबाव बना रहे हैं।
अभिभावक सूर्य कुमार ने बताया कि दुकानदार बिना काॅपियों के किताबें नहीं दे रहे हैं । दुकानदार किताबों के साथ कॉपियां लेने का दबाव अभिभावकों पर बना रहे हैं।
किसी भी स्कूल में अभिभावकों पर तय दुकान से किताब या यूनिफार्म की खरीदारी के लिए दबाव बनाया जाना अनुचित है। शिकायत मिलने पर जांच कर संबंधित स्कूल के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी---संजय सिंह, बीएसए।
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