बदायूं: नामांकन के बाद खुलेंगे प्रत्याशियों के खर्च रजिस्टर, व्यय निरीक्षक टीम रखेगी नजर
बदायूं, अमृत विचार। जिले में प्रत्याशियों के द्वारा प्रचार प्रसार शुरू कर दिया है। उनकी दर्जनों गाड़ियां देहात क्षेत्र में फर्राटा भर रही हैं। लेकिन, अब तक प्रत्याशियों के चुनावी खर्च का मीटर चालू नहीं हो सका है।
जैसे ही प्रत्याशी नामांकन दाखिल करेंगे वैसे ही उनका खर्च मीटर चालू हो जाएगा। इसके बाद उनके द्वारा किए जा रहे प्रत्येक खर्चे का हिसाब दिया जाएगा। बदायूं लोकसभा सीट पर तीसरे चरण में सात मई को मतदान होगा। उसके लिए 12 अप्रैल से नामांकन प्रक्रिया शुरू हो रही है। जिसकी तैयारी प्रशासन द्वारा चल रही है।
लोकसभा चुनाव में प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखने के लिए व्यय निरीक्षक टीमों का गठन किया गया है। प्रत्येक विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक टीम प्रत्याशियों के खर्च पर नजर रखेगी। निर्वाचन आयोग द्वारा प्रत्येक प्रत्याशी के लिए 95-95 लाख रुपये खर्च को नियमों के मुताबिक माना है। हालांकि अभी नामांकन प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है। प्रमुख दलों से घोषित प्रत्याशी चुनाव प्रचार में जुटे हुए हैं। उनकी दर्जनों गाड़ियां सभी विधानसभा क्षेत्रों में प्रचार प्रसार के लिए दौड़ रही हैं।
नामांकन प्रक्रिया शुरू न होने की वजह अभी तक प्रत्याशियों के खर्च का मीटर भी चालू नहीं हुआ है। जिला निर्वाचन अधिकारी की ओर से व्यय निरीक्षक टीमों को निर्वाचन आयोग की ओर से प्रत्येक सामग्री के लिए निर्धारित दरों की सूची उपलब्ध करा दी गई है।
निर्वाचन आयोग के निर्देश पर कपड़े के बैनर 46 रुपये प्रति वर्ग मीटर, कपड़े के झंडा 40 से 45 रुपये प्रति वर्ग मीटर, पोस्टर 4200 रुपये रुपये प्रति हजार, गाड़ी में लगे लाउडस्पीकर के लिए 1575 रुपये प्रतिदिन, प्रति चाय 10 रुपये, प्रति व्यक्ति प्रतिदिन 150 रुपये में खाना, हेलीपैड के लिए 1.5 लाख से 2.10 लाख, होटल का कमरा प्रतिदिन 800 से 2250 रुपये, सीएनजी कार के लिए प्रतिदिन 1650 रुपये, ट्रक के लिए 4200 से 18 हजार रुपये, फार्म हाउस में कार्यक्रम के लिए 20 हजार रुपये किराया समेत कुल 226 सामग्री की कीमत निर्धारित की है।
देहात क्षेत्र में उड़ रही आचार संहिता की धज्जियां
विभिन्न दलों की ओर से घोषित प्रत्याशी प्रचार-प्रसार में जुटे हुए हैं। गांव-गांव और गली-गली में प्रत्याशियों के साथ बड़ी संख्या में लोग प्रचार करते हुए आचार संहिता की धज्जियां उड़ा रहे हैं और इसके फोटो व वीडियो भी सोशल मीडिया पर डाल रहे हैं, लेकिन अधिकारियों ने इस ओर से अपनी आंखें बंद की हुई हैं।
नामांकन प्रक्रिया 12 अप्रैल से शुरू हो रही है। नामांकन दाखिल होने के बाद प्रत्याशी के खर्च का आंकलन शुरू किया जाता है। जैसे ही प्रत्याशी नामांकन करेंगे, वैसे ही सभी प्रत्याशियों के खर्च का आंकलन करने के लिए टीमें सक्रिय हो जाएंगी।-डॅा वैभव शर्मा, उप जिला निर्वाचन अधिकारी
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