अयोध्या: घोटाले में पांच ग्राम प्रधानों के छिने अधिकार
अयोध्या, अमृत विचार। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता की लगातार शिकायतें मिलती रहीं। जांच प्रक्रिया के बाद जिले के पांच ग्राम प्रधानों को वित्तीय अनियमितता का दोषी मानते हुए सभी के अधिकार सीज कर दिए गए। जिला अधिकारी अनुज कुमार झा ने सोमवार को विकास खंड तारुन के ग्राम …
अयोध्या, अमृत विचार। ग्रामीणों की ओर से ग्राम प्रधान पर विकास कार्यों में अनियमितता की लगातार शिकायतें मिलती रहीं। जांच प्रक्रिया के बाद जिले के पांच ग्राम प्रधानों को वित्तीय अनियमितता का दोषी मानते हुए सभी के अधिकार सीज कर दिए गए। जिला अधिकारी अनुज कुमार झा ने सोमवार को विकास खंड तारुन के ग्राम पंचायत दादूपुर, विकासखंड मसौधा के ग्राम पंचायत फिरोजपुर, कैल व सरियावा के साथ ब्लॉक रुदौली के ग्राम पंचायत मांगी चांदपुर के ग्राम प्रधानों के वित्तीय अधिकार को सीज कर दिया।
डीएम ने बताया कि इन सभी ग्राम प्रधानों को दायित्वों व अधिकारों से विरत करते हुए ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन को तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया है। जिला मजिस्ट्रेट ने बताया कि तारुन ब्लॉक के ग्राम दादूपुर के प्रधान गुलाब सिंह कि खिलाफ वित्तीय अनियमिता की शिकायत मिलने पर सीवीओ व लघु सिंचाई विभाग के असिस्टेंट इंजीनियर से जांच कराई गई।
जांच आख्या के अनुसार ग्राम प्रधान ने सोलर लाइट खरीद में 7800 रुपये, स्ट्रीट लाइट में 85,500, कूड़ेदान में 67,188, प्राथमिक विद्यालय में रंगाई पुताई में 19,580, शौचालय एवं मूत्रालय मरम्मत कार्य में 39,820, आंगनबाड़ी केंद्र के शौचालय मरम्मत कार्य पर 1925, पंचायत भवन में मरम्मत तथा वायरिंग के मद में 1,97,460 रुपये, मनरेगा कार्य में दयाराम के बाग से रामबरन के बाग तक मिटटी की पटाई के कार्य पर दो ह्यूम पाइप खरीद में 4992, हैंड पाइप के मरम्मत कार्य, आरसीसी बेंच, पूर्व माध्यमिक विद्यालय में रंगाई पुताई मरम्मत कार्य व फ्लोर टाइल के कार्य सहित अन्य विकास कार्यों में गंभीर वित्तीय अनियमितता के दोषी मिले हैं।
डीएम झा ने बताया कि इसी तरह जनपद के नोडल अधिकारी/आयुक्त आवास विकास परिषद लखनऊ द्वारा विकासखंड रुदौली के ग्राम पंचायत मांगी चांदपुर का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण के समय प्राप्त शिकायतों के दृष्टिगत नोडल अधिकारी के निर्देश पर तीन सदस्यीय समिति का गठन कर राज्य वित्त आयोग एवं 14 वित्त आयोग की अन्तर्गत प्राप्त धनराशि से कराई गये समस्त कार्यों की जांच कराई गई। जांच आख्या के अनुसार ग्राम प्रधान व संबंधित सचिव कतिपय आरोपो में 4,62,062 रुपये के व्ययपरण करने तथा दायित्वो का निर्वाहन भली-भांति न करने के प्रथम दृष्टया दोषी पाया गया।
ग्राम प्रधान शांति देवी को कारण बताओ नोटिस जारी की गई परंतु उनके द्वारा निर्धारित अवधि में स्पष्टीकरण प्रस्तुत न करने पर प्रथम दृष्टया वित्तीय अनियमिता की दोषी पाई गई। जिससे उन्हें ग्राम प्रधान के दायित्वों एवं अधिकारों से विरत करते हुए ग्राम पंचायत के कार्यों के संचालन को तीन सदस्यीय समिति बनाई गई जिसमें सुखमति पत्नी कुसुम लाल, अविनाश कुमार शैलेंद्र प्रताप सिंह पुत्र देवी सिंह को सदस्य नामित किया गया हैं।
डीएम ने बताया कि इसी तरहमसौधा ब्लाक की ग्राम पंचायत फिरोजपुर की प्रधान भानमती, ग्राम पंचायत कैल की प्रधान मीना एवं ग्राम पंचायत सरियांवा के ग्राम प्रधान रामभगन के खिलाफ मिलीं शिकायतों की जांच कराई गई। जांच अधिकारी से प्राप्त आख्या पर इन्हें प्रथम दृष्टया वित्तीय अनिमित्ता का दोषी पाया गया है। जिसके बाद इन्हे अपना पक्ष रखने को पर्याप्त समय व नोटिस दिया गया। इन ग्राम प्रधानों से प्राप्त स्पष्टीकरण असंतोषजनक है। जिससे उप्र पंचायत राज अधिनियम की धारा 95(1)छः के तहत इन सभी को ग्राम प्रधान के दायित्वों व अधिकारों से विरत कर दिया गया। ग्राम पंचायत के संचालन को तीन सदस्यीय समिति का गठन कर दिया गया है।
मदों में हेरफेर न करें प्रधान: डीएम
ग्राम प्रधानों पर विकास कार्यों में अनियमितता व घपले की जांच के बाद जिले के पांच ग्राम प्रधानों के अधिकारों को सीज कर दिया गया है। जांच के दौरान एक मद की रकम दूसरे मद में कार्य होने का भी पता चला। जिसके बाद जिला अधिकारी अनुज कुमार झा ने सोमवार को जनपद के सभी ग्राम प्रधानों से अपील की है कि जिस कार्यो के लिए धन आवंटित किया जाए उसका व्यय उन्ही मदो में किया जाए। कार्य कराने के पूर्व वित्तीय नियमो का पूर्णरूप से पालन करते हुए जो भी कार्य कराये जाएं वे उच्च गुणवत्ता के होन चाहिए। उन्होंने कहा कि वित्तीय अनिमित्ता करने वाले ग्राम प्रधानो व सचिवो पर कार्रवाई की जाएगी।
