रायबरेली AIIMS में की गई मिनिमली इनवेसिव स्पाइन फिक्सेशन की पहली सर्जरी, मरीज स्वस्थ  

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छोटे से चीरा का उपयोग कर की गई सर्जरी, एक टांके का हुआ उपयोग 

रायबरेली, अमृत विचार। अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) मुंशीगंज में पहली बार मिनिमली इनवेसिव स्पाइन फिक्सेशन सर्जरी की गई। न्यूरो सर्जरी विभाग के न्यूरो सर्जन सभी प्रकार की न्यूरो सर्जरी कर मरीज को बीमारी से निजात दिलाने में महारत हासिल की है। 

सुल्तानपुर जिला से आए 40 वर्षीय युवक काफी समय से स्पाइन की समस्या से परेशान था। उसने दूसरे शहर में इसका इलाज भी कराया लेकिन उसे किसी भी तरह का फायदा नहीं हुआ। इसके बाद युवक ने एम्स मुंशीगंज के न्यूरो सर्जरी विभाग से ओपीडी में अपना इलाज शुरू किया। मरीज को देखने के बाद डॉक्टर ने सर्जरी करने का फैसला लिया। मरीज की सहमति मिलने पर डाक्टर ने मरीज को भर्ती कर सर्जरी किया। सर्जरी करने में लगभग चार घंटे का समय लगा। अधीक्षक प्रो डा सुयश सिंह  ने बताया कि प्रो डा अरुण गौड़ा, डा अरविंद सुमन, डा कालीचरण की सहायता से यह सर्जरी की गई है। इस सर्जरी में पारंपरिक विधि की तुलना में इस विधि के माध्यम से एक छोटा चीरा लगाकर स्पाइन की सर्जरी की जाती है। इस सर्जरी के माध्यम से मरीज को बहुत जल्द आराम मिलता है। दो से तीन दिन में मेरीज चलने फिरने लगता है। इसके बाद मरीज को घर भेज दिया जाता है। 

मिनिमली इनवेसिव स्पाइन सर्जरी रीढ की हड्डी पर एक प्रकार की सर्जरी है। इस मरज मे स्पाईन की हड्डी आगे पीछे हो जाती है। प्रकार की सर्जरी में मानक सर्जरी की तुलना में छोटे चीरा का उपयोग किया जाता है। इससे अक्सर आसपास की मांसपेशियों का नुकसान नही होता है। इससे सर्जरी के बाद दर्द व तेजी से रिकवरी हो होती है।

वर्जन-
निदेशक प्रो डा अरविंद राजवंशी के कुशल नेतृत्व में यहां पर मौजूद सभी विभाग पूरी सक्रियता से संचालित हो रहे हैं। नई तकनीक व विधि के उपयोग से यह सर्जरी की गई है। मरीज को काफी दिक्कत थी। मरीज रेफर होकर आया था। अब मरीज पूरी तरह से स्वस्थ है।
-प्रो. डा. सुयश सिंह, अधीक्षक न्यूरोसर्जन, एम्स रायबरेली।  

इस तकनीक का उपयोग कर सफल सर्जरी करने पर पूरी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा की एम्स के संचालित विभाग पूरी सक्रियता से काम कर रहे है। जिसका लाभ शहर व दूर दराज से आने वाले मरीज भरपूर लाभ ले रहे है।
-प्रो. डा. अरविंद राजवंशी, निदेशक, एम्स रायबरेली। 

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