Lok Sabha Elections 2024: बरेली से बसपा प्रत्याशी छोटेलाल गंगवार का पर्चा निरस्त, आबिद अली का पर्चा पाया वैध

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
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फाइल फोटो

बरेली, अमृत विचार। बरेली लोकसभा क्षेत्र के बसपा प्रत्याशी मास्टर छोटेलाल गंगवार का पर्चा निरस्त कर दिया गया। वहीं काफी हंगामे और बसपा प्रमुख मायावती से रिटर्निंग ऑफिसर से वीडियो कॉलिंग के बाद आंवला लोकसभा क्षेत्र से आबिद अली का पर्चा वैध माना गया।

बरेली और आंवला लोकसभा क्षेत्र से लड़ने वाले उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की शनिवार को जांच की गई। दोनों सीटों से बसपा के उम्मीदवारों के पर्चे को लेकर शनिवार को पूरे दिन हंगामा मचा रहा। पहले दोनों प्रत्याशियों के पर्चे निरस्त होने की बात सामने आई तो बसपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने हंगामा शुरू कर दिया। 

शाम को आंवला लोकसभा क्षेत्र के प्रत्याशी आबिद अली ने रिटर्निंग ऑफिसर से बसपा प्रमुख पूर्व मुख्यमंत्री मायावती की वीडियो काल से बात कराई। उन्होंने आबिद अली को ही बसपा का अधिकृत प्रत्याशी बताया, जिसके बाद उनका पर्चा वैध करार दिया गया। इस संबंध में पार्टी की अध्यक्ष की ओर से रिटर्निंग ऑफिसर को ईमेल भी किया गया। इसके बाद बसपा के सिंबल से नामांकन कराने वाले सत्यवीर का पर्चा निरस्त कर दिया गया। बसपा जिलाध्यक्ष राजीव कुमार सिंह ने सत्यवीर के खिलाफ फर्जी नामांकन करने पर कोतवाली में तहरीर दी है।

जांच के बाद लोकसभा क्षेत्र से बसपा उम्मीदवार मास्टर छोटे लाल गंगवार का पर्चा निरस्त कर दिया गया। छोटेलाल गंगवार ने दो नामांकन पत्र 16 और 18 अप्रैल को दाखिल किए थे। उन्होंने शपथ में कुछ कॉलम खाली छोड़ दिए थे। इस कारण उनका नामांकन पत्र खारिज कर दिया गया। इसके साथ ही बरेली लोकसभा सीट से बसपा उम्मीदवार चुनाव से बाहर हो गए है।

आबिद अली को पर्चे को लेकर दिनभर मचा रहा हंगामा
आंवला लोकसभा क्षेत्र से बसपा ने आबिद अली को अपना प्रत्याशी घोषित किया था। उन्होंने गुरुवार और शनिवार को अलग-अलग पर्चे बसपा के सिंबल से दाखिल किए थे लेकिन शुक्रवार को सामने आया था कि बसपा के सिंबल से ही सत्यवीर ने भी अपना पर्चा दाखिल कर दिया है। शनिवार को नामांकन पत्रों की जांच की गई। एक ही पार्टी से दो प्रत्याशी होने के कारण आबिद अली का पर्चा निरस्त की श्रेणी में डाल दिया गया था। बाद में स्थिति स्पष्ट होने पर उनका पर्चा वैध माना गया।

वह विधानसभा क्षेत्र नवाबगंज से चुनाव लड़कर विधायक बने। अब तक करीब 10 बार चुनाव लड़ा है। इससे पहले पर्चा कभी निरस्त नहीं हुआ। प्रशासन ने सरकार के दबाव में आकर ऐसा किया है। किसी ने आपत्ति भी नहीं की थी। अभी बसपा में शामिल रहूंगा। -मास्टर छोटे लाल गंगवार, पूर्व विधायक

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