बरेली: अब 12 बिंदुओं पर जांच के बाद होगी दुष्कर्म के आरोपी पर कार्रवाई

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बरेली,अमृत विचार। अब दुष्कर्म के झूठे और सच्चे मामलों में फर्क को जल्दी पकड़ा जा सकेगा। सिर्फ आरोप लगने भर से किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी। एफआईआर दर्ज करने से पूर्व 12 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। इसके बाद ही पर्चा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में डीआईजी ने मंडल के चारों जिलों …

बरेली,अमृत विचार। अब दुष्कर्म के झूठे और सच्चे मामलों में फर्क को जल्दी पकड़ा जा सकेगा। सिर्फ आरोप लगने भर से किसी के खिलाफ एफआईआर दर्ज नहीं होगी। एफआईआर दर्ज करने से पूर्व 12 बिंदुओं पर जांच की जाएगी। इसके बाद ही पर्चा दर्ज किया जाएगा। इस संबंध में डीआईजी ने मंडल के चारों जिलों के कप्तानों को आदेश जारी किया है। जोन में 12 बिंदुओं पर जांच के बिना पर्चा काटने पर पाबंदी लगा दी है। डीआईजी का मानना है कि नई प्रक्रिया से कुछ ही घंटों में झूठी रिपोर्ट खत्म हो जाएगी और वास्तविक पीड़ित को इंसाफ मिलेगा।

डीआईजी राजेश कुमार पांडेय ने बुधवार को बताया कि उन्होंने दुष्कर्म पीड़िताओं को इंसाफ दिलाने और झूठे मामलों से उत्पीड़न रोकने के लिए रेंज में आदेश जारी कर दिया है। इससे वास्तविक पीड़िता को त्वरित न्याय मिल सकेगा और असल आरोपी की गिरफ्तारी जल्द हो सकेगी। वहीं, झूठे मामलों से कोई किसी तरह से उत्पीड़न कर किसी से समझौते के नाम पर वसूली नहीं कर सकेगा।

अब तक की जांच में सामने आया है कि दुष्कर्म और सामूहिक दुष्कर्म के लगभग 40 से 50 फीसदी मामले रंजिश या वसूली और समझौते के लिए दर्ज कराए गए थे। इनकी जांच में पुलिस का काफी समय भी बर्बाद हुआ। अब ऐसा न हो इसलिए डीआईजी ने यह आदेश जारी किया है।

ये हैं 12 बिंदु
– पीड़िता का मोबाइल नंबर
– अपराध के समय वादिनी/पीड़िता की लोकेशन
– अभियुक्त का मोबाइल नंबर
– अभियुक्त की घटना के समय लोकेशन
– पीड़िता की लोकेशन सीडीआर में नहीं आई तो इस संबंध में पीड़िता द्वारा बताया गया कारण
– अभियुक्त की लोकेशन घटनास्थल पर नहीं है तो उसका स्पष्टीकरण
– पीड़िता और अभियुक्त की तीन माह की सीडीआर का मिलान, कितनी बात हुई और किस समय हुई
– घटनास्थल के पास कोई सीसीटीवी कैमरा लगा है अथवा नहीं
– यदि कैमरा है तो उसकी फुटेज चेक कर अभियुक्त पर नजर
– घटना के संबंध में पीड़िता द्वारा दिया गया कोई साक्ष्य
– पीड़िता एवं अभियुक्त का आपस में कोई रिश्ता या रिश्तेदारी
– पीड़िता और अभियुक्त में कोई पुराना विवाद, रंजिश, पुराना वाद तो नहीं

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