बरेली: जिला जेल के बंदी ने शौचालय में की आत्महत्या
बरेली,अमृत विचार। जिला जेल में लूट के आरोप में बंद एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव शौचालय की खिड़की पर लटका मिला। जेल प्रबंधन को जब इसकी जानकारी हुई तो अफरा-तफरी मच गई। फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर मामले की जांच कराई गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए …
बरेली,अमृत विचार। जिला जेल में लूट के आरोप में बंद एक बंदी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसका शव शौचालय की खिड़की पर लटका मिला। जेल प्रबंधन को जब इसकी जानकारी हुई तो अफरा-तफरी मच गई। फील्ड यूनिट को मौके पर बुलाकर मामले की जांच कराई गई। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।
बदायूं कोतवाली के सोथा मोहल्ला निवासी अयाज अहमद (38) अपनी पत्नी राना बी के साथ कुछ समय से हजियापुर भटियारों वाली मस्जिद के पास किराये पर रह रहा था। बारादरी पुलिस ने 2017 में हुई एक लूट के मामले में उसे गिरफ्तार किया था। इसके बाद से वह जेल में ही बंद था।
जेल अधीक्षक विजय विक्रम सिंह के मुताबिक अयाज ने बुधवार सुबह लगभग साढ़े चार बजे बैरक के शौचालय की खिड़की से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। अयाज का शव लोगों ने खिड़की से लटका देखा तो वहां हंगामा मच गया। इसकी सूचना के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया।
बैरक नंबर 11 को कराया गया खाली
अयाज बैरक नंबर 11 में बंद था। शौचालय में उसका शव मिलने के बाद बंदियों को दूसरे बैरक में शिफ्ट कर दिया गया। साथ ही चौकसी भी बढ़ा दी गई है जिससे आगे कोई भी बंदी व कैदी इस तरह की घटना न कर पाये। बताया जाता है इस बैरक में 50 बंदी रहते थे।
पुलिस पर परेशान करने का लगाया आरोप
अयाज के पिता इकबाल का कहना है कि उन्होंने बेटे अयाज की जमानत जानबूझ कर नहीं कराई थी। उनका आरोप है कि जमानत पर रिहा होने के बाद उसे पुलिस वाले और परेशान कर अन्य झूठे मुकदमों में फंसा सकते थे। इसके कारण लूट के मामले में जमानत नहीं कराई और वह केस लड़ रहे थे। वहीं पत्नी का कहना है कि पुलिस ने उनके पति को रंजिशन फंसाया था। उनका लूट से कोई वास्ता नहीं है।
