बरेली: अब मटकों के पानी से प्यास नहीं बुझती जनाब! फ्रिज-वॉटर कूलर और RO ने घटाई डिमांड...कारीगर परेशान

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। सालों से ठंडा पानी पिलाने वाले मिट्टी के मटके का अब अस्तित्व खत्म सा होता नजर आ रहा है। इसकी वजह है फ्रिज, वॉटर कूलर और आरओ की बढ़ती मांग। ऐसे में मिट्टी के बर्तनों का निर्माण करने वाले कुम्हार जाति के लोगों के लिए अब  रोजी-रोटी का संकट मंडराने लगा है। हालांकि मिट्टी के बर्तनों का प्रचलन अभी भी शगुन कार्यों में किया जा रहा है। 

वहीं मॉडर्न जमाने को देखते हुए कारीगर नई डिजाइन और रंग-रोपन करके मिट्टी के मटके और अन्य मिटटी के बर्तन बना रहे है। साथ ही ज्यादा लागत में कम मुनाफा कमाने कमाने की भी कोशिश कर रहे है, जिससे उनका पारंपरिक पेशा खत्म न हो सकें।

बता दें कि ठंडा पानी पीने के लिए फ्रिज और वॉटर कूलर का क्रेज बढ़ने से शहर में मिट्टी के मटके बनाने का काम अब बेहद कम हो गया है। लोग ज्यादातर फ्रिज और वॉटर कूलर से ही पानी पीना पसंद कर रहे हैं। जिसके कारण अब शहर में इक्का-दूक्का कारीगर ही मिटटी के मटके बनाकर बेचते हैं। 

ऐसे में शहर में बिकने वाले ठंडे पानी के मिट्टी के मटके अब ज्यादातर गांव क्षेत्र से बनकर आ रहे हैं। मिट्टी के मटके बेचने वाले धर्म प्रकाश ने बताया कि फ्रिज और वॉटर कूलर के प्रचलन से मिट्टी के मटके खरीदना कम लोग पसंद करते हैं। उन्होंने बताया कि साइज के मुताबिक मटकों का दाम होता है, जिसमें बढ़ा मटका 100 और छोटा 50 रुपए बिकता है।

यह भी पढ़ें- बरेली: डीजे बजाने को लेकर हुआ विवाद, बारातियों ने युवक को पीटा...पुलिस ने हिरासत में लिए दो लोग

संबंधित समाचार