हरदोई: महिला टीचर से धोखाधड़ी में चार नाईजीरियन गिरफ्तार

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Edited By Amrit Vichar
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हरदोई। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हरदोई में एक महिला टीचर से फ्राड करके लाखों रुपये की ठगी के मामले में अंतर्राष्ट्रीय फ्राडस्टर्स गैंग के चार नाइजीरियन नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने महिला टीचर की एक वैवाहिक साईट पर जानकारी पाकर वाह्ट्सएप पर चैटिंग शुरू की और उसके बाद …

हरदोई। उत्तर प्रदेश पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स ने हरदोई में एक महिला टीचर से फ्राड करके लाखों रुपये की ठगी के मामले में अंतर्राष्ट्रीय फ्राडस्टर्स गैंग के चार नाइजीरियन नागरिकों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों ने महिला टीचर की एक वैवाहिक साईट पर जानकारी पाकर वाह्ट्सएप पर चैटिंग शुरू की और उसके बाद एक गिफ्ट पार्सल भेजकर उसको कस्टम के नाम पर रोके जाने की बात बताकर लाखों रुपये ठग लिए।

गिरफ्तार अभियुक्तों के पासपोर्ट वैध है, पर वीजा की अवधि कई माह पहले ही समाप्त हो चुकी है। चारों गिरफ्तार अभियुक्तों के भारत में अवैध रूप से निवास करने के कारण इनके विरूद्ध कार्रवाई की जा रही है। पुलिस सूत्रों ने शुक्रवार को कहा कि हरदोई की कोतवाली शहर पुलिस ने माईकल चियागोजियमा , फ्रैन्सिस इमैका उडाला, माइस अवका पैट्रिक चकोडी उडाला अनमबरा स्टेट, नाइजीरिया के रहने वाले है। इन सभी को जेल भेजा है। सूत्रों ने बताया की एसटीएफ की टीम ने इन सभी को दिल्ली से गिरफ्तार कर हरदोई पुलिस को सौंपा है।

दरअसल पकड़े गए आरोपियों पर एक महिला शिक्षका के साथ फ्राड करके लाखों रुपए ठगने का आरोप है। महिला शिक्षका द्धारा तलाकशुदा साइट पर सुटेबल मैच के लिए अपनी प्रोफाईल पोस्ट की थी, जिसके बाद आरोपियों ने यूनाइटेड किंगडम के वर्चुवल नम्बर से शिक्षका से मैसेजिंग व व्हाट्सएप चैटिंग शुरू की। कुछ समय बाद शिक्षक को एक गिफ्ट पार्सल भेजकर सम्बन्धित कोरियर कम्पनी का लिंक एवं ग्लोबल ट्रैकिंग नम्बर दिया गया। ट्रैक करने पर पार्सल दिल्ली एअरपोर्ट पर कस्टम फीस के लिए रोका जाना दिखा रहा था।

इन लोगो ने स्वंय को इन्दिरा गांधी इन्टरनेशनल एअरपोर्ट नई दिल्ली की कस्टम शाखा का अधिकारी बताकर कस्टम फीस के लिए, पार्सल स्कैनिंग में विदेश मुद्रा पाउण्ड होने के कारण अतिरिक्त कस्टम शुल्क एवं इनकम टैक्स क्लियरेन्स के लिए भिन्न-भिन्न बैंक खातों में लगभग 7.50 लाख रूपये की रकम जमा करा ली। शिक्षका को जब अपने साथ ठगी का अंदेशा हुआ तो उनके द्वारा अभियोग पंजीकृत कराया गया। जिसके बाद मामले की जांच एसटीएफ को सौंपी गई।

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