बरेली: मतदान का प्रतिशत बढ़ाने के लिए लगा दिया पूरा जोर, शाम होते ही भाजपा नेताओं के चेहरों पर दिखी राहत

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Edited By Amrit Vichar
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बरेली, अमृत विचार: इस चुनाव में शुरू से मतदाताओं की खामोशी के साथ पहले दो चरणों के चुनाव में मतदान प्रतिशत की गिरावट ने वैसे तो चुनावी मैदान में उतरे राजनीतिक दलों और प्रत्याशियों में बेचैनी पैदा कर दी थी लेकिन केंद्र और राज्य की सत्ता पर काबिज भाजपा के नेताओं की तो नींद ही उड़ गई थी।

दूसरे चरण का चुनाव होते ही पूरा जोर इसी पर लगा दिया गया कि मतदाताओं को पोलिंग बूथ तक लाकर कैसे भी पिछले चुनाव के आंकड़े तक पहुंचा जाए। इस कोशिश में पूरी कामयाबी तो नहीं मिली, लेकिन शाम छह बजे मतदान खत्म हुआ तो भाजपा नेताओं के चेहरों पर राहत नजर आई कि मतदान का प्रतिशत लोकसभा चुनाव 2019 के लगभग बराबर पहुंच गया है।

पिछले दो चरणों की तुलना में बरेली और आंवला में मतदान प्रतिशत बेहतर रहना भाजपा नेताओं के लिए चुनाव का नतीजा आने से पहले पहली राहत की बात रही। कई दिनों से भाजपा के नेता इसके लिए रणनीति बना रहे थे और मतदान के दिन भी उन्हें पूरा जोर लगाना पड़ा।

तेज गर्मी को देखते हुए इस रणनीति के तहत सुबह के समय ज्यादा से ज्यादा मतदाताओं को घर से निकालकर पोलिंग बूथ तक ले जाने की योजना बनाई गई थी लेकिन इसके बावजूद सुबह सात बजे मतदान शुरू होने के बाद नौ बजे तक दोनों सीटों के ज्यादातर विधानसभा क्षेत्रों में मतदान की रफ्तार उम्मीद के मुताबिक नहीं रही।

सुबह सात बजे मतदाताओं ने मतदान केंद्रों पर पहुंचना जरूर शुरू कर दिया लेकिन कई इसके बावजूद कई मतदान केंद्रों पर सन्नाटा नजर आया। सुबह 11 बजे तक बरेली लोकसभा क्षेत्र में 23.60 और आंवला लोकसभा क्षेत्र में 25.98 फीसदी मतदान हो पाया था। सूरज का ताप बढ़ते ही एक बार फिर सन्नाटा छा गया। राजनीतिक दलों के कार्यकर्ताओं ने दौड़ना शुरू किया तो शाम चार बजे के बाद एक बार फिर मतदान की रफ्तार बढ़ी।

बरेली में पांच बजे तक 54.21 फीसदी और आंवला में 54.73 फीसदी मतदान हो गया। शाम छह बजे तक तमाम मतदान केंद्रों पर लंबी लाइनें लगी रही। अंतत: बरेली में 57.88 तो आंवला में 57.08 फीसदी वोट पड़े।

भाजपा के गढ़ बरेली और कैंट विधान सभा क्षेत्र में हुआ सबसे कम मतदान
बरेली लोकसभा क्षेत्र में सबसे ज्यादा 65.19 प्रतिशत मतदान भोजीपुरा विधानसभा क्षेत्र में हुआ जहां फिलहाल सपा का दबदबा है। इसके बाद नवाबगंज विधानसभा क्षेत्र में 63.3 प्रतिशत और मीरगंज में 63.11 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम बरेली कैंट में 50.05 प्रतिशत और बरेली शहर में 50.2 प्रतिशत मतदान हुआ।

आंवला लोकसभा क्षेत्र में सर्वाधिक 59.66 प्रतिशत मतदान फरीदपुर में हुआ। इसके बाद बिथरी में 59.53 प्रतिशत और आंवला में 54.71 प्रतिशत मतदान हुआ। सबसे कम मतदान दातागंज क्षेत्र में 53.71 प्रतिशत और शेखूपुरा में 54.71 प्रतिशत हुआ। बरेली में वोटों का ग्राफ लगातार तीसरी बार गिरा है।

बरेली सीट पर पड़े थे 61.49 फीसदी मत
2019 के चुनाव में बरेली लोकसभा सीट पर 61.49 फीसदी मतदान हुआ था। इस चुनाव में भाजपा के संतोष गंगवार विजयी हुए थे। 2014 में यहां मतदान का फीसदी करीब यहीं था।

आंवला सीट पर 58.73 फीसदी वोट पड़े थे
आंवला लोकसभा सीट पर 2019 के चुनाव में 58.73 फीसदी लोगों ने अपने मताधिकार का उपयोग किया था। भाजपा के धर्मेंद्र कश्यप चुनाव जीते थे। 2014 में यहां 60.20 फीसदी वोट पड़े थे।

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