बरेली: 1.55 अरब से बनेंगे तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

बरेली, अमृत विचार। रामगंगा नदी के पानी को स्वच्छ रखने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को हरी झंडी मिल गई है। इसके लिए जल निगम ने तीनों एसटीपी के लिए 1.55 अरब की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है। शासनादेश पर विभाग ने निविदा प्रक्रिया शुरू …

बरेली, अमृत विचार। रामगंगा नदी के पानी को स्वच्छ रखने के लिए नमामि गंगे प्रोजेक्ट के तहत तीन सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) को हरी झंडी मिल गई है। इसके लिए जल निगम ने तीनों एसटीपी के लिए 1.55 अरब की डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) तैयार कर ली है। शासनादेश पर विभाग ने निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी है। 20 से 42 एमएलडी क्षमता वाले एसटीपी की स्थानपा के लिए कई कंपनियों ने निविदा भी डाल दी है।

रामगंगा नदी के पानी को निर्मल रखने के लिए शहर के नालों का पानी एसटीपी से साफ करके नदी में छोड़ा जाएगा। इसके लिए तीन एसटीपी चौबारी, बीसलपुर, एयरफोर्स नाले के पास बनाए जाएंगे। इनमें बीसलपुर में सबसे बड़ा एसटीपी होगा जिसकी क्षमता 42 एमएलडी की होगी। चौबारी में 20 एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। एयरफोर्स नाले के पास एक एमएलडी क्षमता का एसटीपी बनाया जाएगा। इन जगहों पर तीन पंपिंग स्टेशन बनाए जाएंगे जबकि एक लिफ्टिंग स्टेशन बनाने की योजना है।

एसटीपी निर्माण की निविदा लेने वाली कंपनी को 21 माह में कार्य पूरा करना होगा। साथ ही तीन महीने तक ट्रायल करना होगा। इसकी निविदा 27 नवंबर को खोली जाएगी। शहर से हर रोज निकलने वाला करीब 154 एमएलडी सीवरेज का पानी अभी तक बिना साफ किए रामगंगा नदी में चला जाता था। अब इन सभी नालों को एसटीपी से जोड़ा जाएगा जिससे पानी साफ होने के बाद रामगंगा में छोड़ा जाएगा।

“शासन ने तीन एसटीपी लगाने की मंजूरी दे दी है। इसके लिए निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। प्लांट लगाने के लिए भूमि भी मिल गई है। पिछले सप्ताह मुख्यालय पर आला अफसरों के साथ बैठक हुई थी।” -संजय कुमार, अधिशासी अभियंता, जलनिगम

सरायतलफी के एसटीपी का कार्य मार्च तक होगा पूरा
जनपद से होकर गुजरने वाली रामगंगा नदी में शहर के सीवर, ड्रेनेज और उद्योगों का गंदा पानी नदी में गिरने से इसका पानी प्रदूषित हो रहा है। रामगंगा, नकटिया और किला आदि नदियां बड़े भू-भाग बहती है। सराय तलफी और बाकरगंज के पास गुजरने वाली किला नदी का पानी शहर के गंदा पानी से काला हो चुका है। यह पानी ऊंचा गांव के पास रामगंगा में गिरता है जबकि दूसरी तरफ शहर के हिस्से का पानी नकटिया नदी से होकर आने वाला पानी रामगंगा नदी को मैला कर रहा है।

सरायतलफी के पास काफी पहले बनी सीवर लाइन बेकार पड़ी है। यहां 88 करोड़ के प्लांट का कार्य शुरू होने के बाद धन के अभाव में कार्यदायी संस्था टेक्नो ने कार्य बंद कर दिया था। इस प्लांट को पूरा करने के लिए अक्टूबर 2019 का लक्ष्य निर्धारित किया गया था पर लाकडाउन के बाद अब तेजी से कार्य हो रहा है।

अधिशासी अभियंता संजय कुमार ने बताया कि मार्च तक कार्य पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि ट्रीटेड वाटर का उपयोग कपड़े धोने समेत अन्य कार्य में प्रयुक्त हो सकता है। इसे पीने के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। प्लांट में मुख्य पंपिंग स्टेशन के अलावा 100 मीटर लंबी राइजिंग मेन और 1800 मीटर लंबी इंफ्लुएंट पाइप लाइन भी लगेगी। सेंट्रल जोन के सीवेज को मेन पंपिंग स्टेशन से सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट में ट्रीट करने के बाद इंफ्लुएंट पाइप लाइन के जरिए नदी में प्रवाहित किया जाएगा। इसी से नदियों का प्रदूषण रुकेगा।

संबंधित समाचार