हाईकोर्ट: आजम खान के सरकारी सफाई मशीनों को गायब करने के मामले में सुनवाई 22 मई को सुनिश्चित

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Edited By Amrit Vichar
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प्रयागराज। समाजवादी पार्टी के वरिष्ठ नेता और उत्तर प्रदेश के पूर्व कैबिनेट मंत्री आजम खान और उनके परिवार की मुश्किलें इन दिनों कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। सामाजिक कार्यकर्ता वाकर अली खान द्वारा दर्ज मामले में आजम खान और अन्य की जमानत याचिका पर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई गुरुवार को एक बार फिर से टाल दी गई है।

अपर महाधिवक्ता पी.सी. श्रीवास्तव की प्रार्थना पर कोर्ट ने मामले की सुनवाई आगामी 22 मई को सुनिश्चित कर दी है। मामले की सुनवाई न्यायमूर्ति संजय कुमार सिंह की एकलपीठ के समक्ष हुई। मालूम हो कि आजम खान और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम सहित पांच अन्य लोगों के खिलाफ आईपीसी और सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम, 1984 की विभिन्न धाराओं के तहत 19 सितंबर 2022 को पुलिस स्टेशन कोतवाली, रामपुर में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी।

जिसमें शिकायतकर्ता वाकर अली ने आरोप लगाया था कि सपा शासन काल के दौरान रामपुर में सफाई व्यवस्था हेतु सरकारी पैसे से नगर पालिका में सरकारी सफाई मशीन खरीदी गई थी, लेकिन उन मशीनों को आजम खान और उनके बेटे ने नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष अजहर खान के साथ मिलीभगत करके जौहर विश्वविद्यालय में लगवा दिया।

जब नई सरकार में इन मशीनों की खोजबीन हुई तो कुलपति ने विश्वविद्यालय से मशीनें गायब करवा दीं और अन्य आरोपियों के साथ मिलकर उन मशीनों को तुड़वाकर विश्वविद्यालय में ही कहीं दबा दिया।

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