Unnao: फ्री राशन के साथ अब रोजमर्रा की 40 सामग्रियां भी बेचेंगे कोटेदार, बंद रहने के साथ आय न होने की समस्या का होगा समाधन
खाद्यान के अलावा उपलब्ध रहेंगी रोजमर्रा की अन्य वस्तुएं
उन्नाव, अमृत विचार। ब्लाक क्षेत्र में संचालित 65 सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानों ने अब जनरल मर्चेंट की तरह कारोबार शुरू किया है। यानी ग्रामीणों को अब रोजमर्रा की वस्तुएं खरीदने के लिए परचून की दुकानों पर जाने की जरूरत नहीं होगी। कार्डधारकों का कहना है कि रोज कोटा खुलने से उन्हें खाद्यान लेना भी काफी सुविधाजनक होगा। वहीं कोटेदार इससे आमदनी में इजाफा होना स्वीकार रहे हैं।
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अब तक कार्डधारक सरकारी सस्ते गल्ले की दुकान पर हमेशा ताला लटके रहने का रोना रोया करते थे। इसलिए केंद्र सरकार के निर्णय पर अमल कराते हुए कोटेदारों के यहां रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली वस्तुओं में शक्कर से लेकर चायपत्ती व मसाले आदि की भी बिक्री शुरू कराई गई है। हालांकि, यह तमाम वस्तुएं बाजार दरों पर उपलब्ध कराने का प्रावधान है लेकिन, कार्डधारकों की दुकान न खुलने की शिकायत दूर कराने के लिए ऐसा किया गया है।
इससे पहले सरकारी सस्ते गल्ले की दुकानें कार्डधारकों को सिर्फ चावल, गेहूं व बाजरा आदि ही उपलब्ध कराती थीं। इससे खाद्यान की उठान के बाद चार-छह दिन में वितरण पूरा दिखाकर वे दुकान नहीं खोलते थे। जिससे समय पर कोटे की दुकान न पहुंचने वालों को ताला लटका मिलता था।
आपूर्ति विभाग के अफसरों के मुताबिक, कोटे की दुकानों से कोई भी व्यक्ति साबुन, शैंपू, निरमा, टूथपेस्ट, दूध, घी, बेशन, धनिया, मिर्च, चाय, पेन, कापी व ओआरएस घोल सहित 40 जनउपयोगी चीजें भी खरीद सकेंगे। लोगों को कोटे से यह वस्तुएं लेने पर छूट भी मिलेगी। बताया कि कोटेदारों की आय वृद्धि के लिए यह फैसला लिया गया है।
