बरेली: चुनाव बाद मास्टर प्लान लागू करने का अभियान, ध्वस्त किए जाएंगे अवैध भवन

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Edited By Amrit Vichar
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शहर के अलग-अलग इलाकों में सर्वे के लिए टीमें बनाएगा बीडीए, नक्शे पास कराने पर रहेगा जोर

बरेली, अमृत विचार। शहर के सुनियोजित विकास के साथ अपनी आय बढ़ाने के लिए बीडीए अब जल्द ही मास्टर प्लान पर क्रियान्वयन करने की प्रक्रिया शुरू करेगा। इसके तहत मकानों के नक्शे पास कराने के साथ अवैध भवनों को ध्वस्त करने पर जोर दिया जाएगा। लोकसभा चुनाव होते ही बीडीए की टीमें अपने सीमा क्षेत्र में सर्वे शुरू कर देंगी।

मास्टर प्लान लागू होने के बाद पहली बार यह सर्वे किया जाएगा कि निर्माण भू उपयोग के अनुसार हुआ है या नहीं। मास्टर प्लान में कई जगह भू उपयोग बदला भी गया है। चुनाव के बाद बीडीए की टीमें सर्वे शुरू करेंगी। दरअसल, शहर में कई जगह 18 मीटर चौड़ी सडृ़कों पर कॉमर्शियल भवन खड़े हो गए हैं। बीडीए के सचिव योगेंद्र कुमार के मुताबिक मास्टर प्लान में 18 मीटर से ज्यादा चौड़ी सड़कें बाजार स्ट्रीट में आ गई हैं। इसके बाद ऐसे भवनों की कंपाउंडिंग हो सकेगी। उन्होंने बताया कि नियमों के तहत कंपाउंडिंग का पैसा शहर के विकास के अलावा बीडीए किसी और योजना में नहीं लगा सकता। लिहाजा इस पैसे से शहर का विकास होगा। बीडीए पहले ही शहर की कई सड़कों को चौड़ा कर चुका है।

शहर की कई सड़कों पर वैध हो जाएंगी व्यावसायिक गतिविधियां
मास्टर प्लान में 18 मीटर चौड़ी सड़क के किनारे आवासीय जमीन का दो मंजिल तक कॉमर्शियल उपयोग किए जाने की छूट दी गई है। इस लिहाज से रामपुर बाग में विकास भवन साइड की रोड का कॉमर्शियल उपयोग हो सकता है। इसी तरह प्रभा टॉकीज वाली रोड का भी कॉमर्शियल उपयोग हो सकता है। इसके अलावा शहर में कई और हिस्सों में सड़कों को 18 मीटर तक चौड़ा किया गया है। इन सड़कों के किनारे जमीन का पहले से कॉमर्शियल उपयोग कर रहे लोग कंपाउंडिंग कराकर इस सुविधा का लाभ उठा सकेंगे। बीडीए ने ऐसे इलाकों में सर्वे के लिए अलग-अलग टीमें बनाई हैं।

सौ से घटाकर 30 मीटर की कर दी गई है ग्रीन बेल्ट
बड़ा बाईपास पर ग्रीन बेल्ट का दायरा पहले सौ मीटर था। मास्टर प्लान में इसे घटाकर 30 मीटर कर दिया गया है। इसी तरह शाहजहांपुर रोड पर ग्रीन बेल्ट को कम किया गया है। शाहजहांपुर रोड पर भी बीडीए ने मास्टर प्लान को लागू कराने की तैयारी की है।

चुनाव के बाद मास्टर प्लान को लागू करने की प्रक्रिया शुरू करेंगे। मास्टर प्लान के अनुसार सुनियोजित विकास से बीडीए की आय में वृद्धि होगी। शहर का विकास भी हो सकेगा। इससे लगभग 100 करोड़ रुपये की आय होना अनुमानित है। बिना मानचित्र के बने भवनों पर सख्ती की जाएगी- मानिकनंदन ए., बीडीए उपाध्यक्ष।

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