उप्र: महिला सुरक्षा के लिए 1090 को इमरजेंसी नंबर 112 से जोड़ा

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Edited By Amrit Vichar
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लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में जिस तरह से महिलाओं के साथ होने वाले अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार भी अपराधों रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं। इन सभी बातों को ध्यान …

लखनऊ, अमृत विचार। प्रदेश में जिस तरह से महिलाओं के साथ होने वाले अपराध बढ़ रहे हैं। सरकार भी अपराधों रोकने के लिए सख्त से सख्त कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी महिलाओं की शिकायतों को प्राथमिकता से निस्तारित करने के लिए अधिकारियों को निर्देश दे चुके हैं।

इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए प्रदेश सरकार ने पुलिस की आपात सेवा 112 को वीमेन पॉवर लाइन (1090) आपस में जोड़ दिया है। इससे दोनों में से किसी भी नंबर पर आने वाली कॉल पर तत्काल पुलिस की मदद मिल सकेगी। वीमेन पॉवर लाइन में ‘डाटा एनालिटिक्स सेंटर’ की स्थापना भी की जा रही है। इससे प्रदेश में छेड़छाड़ वाले हॉटस्पॉट चिह्नित किए जा सकेंगे।

वहीं प्रदेश सरकार ने महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध होने वाले अपराधों की रोकथाम के लिए पुलिस में अलग से ‘महिला एवं बाल सुरक्षा संगठन’ बना दिया है। जिसकी कमान एडीजी स्तर के आईपीएस को सौंपी गई है। पुलिस विभाग में महिलाओं से संबंधित सभी इकाइयों जैसे महिला सम्मान प्रकोष्ठ, महिला सहायता प्रकोष्ठ और वूमेन पॉवर लाइन 1090 को अब इसी में समाहित कर दिया गया है।

सेफ सिटी परियोजना के तहत 1090 में स्थापित होने वाले डाटा एनालिटिक्स सेंटर में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों का डेटा एकत्र कर उसका विश्लेषण किया जाएगा। इसके माध्यम से महिला संबंधी अपराधों विशेष रूप से छेड़खानी के हॉट स्पॉट का चिह्नीकरण किया जाएगा। इससे जनपदीय पुलिस और उसका एंटी रोमियो स्क्वायड ज्यादा प्रभावी तरीके से काम कर पाएगा।

शासन के निर्देश पर प्रदेश के सभी थानों में महिला हेल्प डेस्क बनाई गई है, जिससे महिलाओं को थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज कराने में कोई भय या संकोच न हो। इसी तरह पुलिस की आपात सेवा ऐसी महिलाओं को स्कॉर्ट करके घर तक पहुंचाती है, जो रात्रि में किसी कारणवश 112 पर कॉल करके मदद मांगती हैं।

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