प्रयागराज : डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बनकर एसीएमओ ने स्वास्थ्य उपकेंद्र में किया कब्जा, जांच शुरु

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

डीएम ने तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने का दिया निर्देश, कई पहलुओं पर टीम कर रही मामले की जांच

अमृत विचार, प्रयागराज। खुद को प्रदेश के उप मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताने वाले शहर के प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉक्टर तरुण पाठक पर स्वास्थ्य उपकेंद्र पर कब्जा कराने का मामला सामने आया है। इस मामले को लेकर जिलाधिकारी ने तत्काल प्रभाव से तीन सदस्यीय टीम गठित कर जांच कराने का निर्देश दिया है। 

बताया जा रहा है कि अपर मुख्य चिकित्साधिकारी (एसीएमओ) डॉक्टर तरुण पाठक पिछले कई वर्षों से प्रयागराज में ही तैनात थे। वह खुद को डिप्टी सीएम बृजेश पाठक का रिश्तेदार बताते थे।  डिप्टी सीएम का रिश्तेदार बनकर उन्होंने यहां। खूब धौस जमाया। उन्होने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए सरकारी स्वास्थ्य केंद्र (हेल्थ एंड वैलनेस) सेंटर पर कब्जा कर लिया था।

यह मामला अब तूल पकड़ते हुए शासन स्तर पर पहुंच गया। मामला जसरा के घूरपुर प्रथम उपकेंद्र का है। जहां डॉक्टर पाठक जसराज सीएससी पर लंबे समय तक अधीक्षक रहे हैं। इसी बीच उन्होंने कुछ लोगों से मिलकर सरकारी स्वास्थ्य उपकेंद्र पर कब्जा करने का प्रयास किया था, लेकिन मामला जब प्रकाश में आया तो डॉक्टर पाठक कामयाब नही हो सके।

इस मामले में फर्जी नक्शा भी बनवाया गया है। विभागीय सूत्रों की माने तो मामले की शिकायत जब उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक तक पहुंची तो उन्होंने डॉक्टर पाठक को पहचानने से साफ मना कर दिया। उन्होंने इस मामले की जांच कराने के लिए जिलाधिकारी को निर्देश दिया है।  

अपर निदेशक ने मौके पर की जांच

 अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉक्टर के.के. वर्मा ने सोमवार को स्वयं मौके पर पहुंचकर इस मामले की जांच की है। उन्होंने अपनी जांच रिपोर्ट में डॉक्टर तरुण पाठक की मिली भगत होने की पूरी पुष्टि की है। वहीं शासन के निर्देश पर जिलाधिकारी ने तीन सदस्य टीम गठित कर मामले की जांच शुरु करा दी है। जांच टीम में एसडीएम बारा व एक अन्य एसीएमओ को शामिल किया गया है। 

सीएचओ ने की थी शिकायत

 निवर्तमान सीएचओ दीपक कुमार ने इसकी शिकायत घूरपुर थाने में की थी। उपकेंद्र पर काले रंग से पोताई करा कर निशानी मिटाने की कोशिश की गयी थी। जब डॉक्टर पाठक वहां से स्थानांतरण हुआ और वह मुख्यालय पहुंचे तो जसरा अधीक्षक के रूप में डॉक्टर अंकिता पांडे ने कार्यभार संभाल लिया।

इस मामले में उन्होंने उच्च अधिकारियों से भी शिकायत की है। वहीं, सीएमओ डॉक्टर आशु पांडे ने बताया कि मामला संज्ञान में आते ही तत्काल प्रभाव से जांच शुरु करा दी गयी है। इसके लिए तीन सदस्य टीम कमेटी गठित कर जांच कराई जा रही है। जांच के बाद पूरी सच्चाई खुलकर सामने आएगी।

संबंधित समाचार