बरेली: नगर आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी हुआ तो कर दिया भुगतान
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली फर्म काे ब्लैकलिस्ट कर रोक दिया था भुगतान
बरेली, अमृत विचार: इलाहाबाद हाईकोर्ट से नगर आयुक्त को अवमानना नोटिस जारी होने के बाद नगर निगम ने डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन करने वाली एजेंसी को आननफानन भुगतान कर दिया। सितंबर 2023 को यूजर चार्ज में हेराफेरी के आरोप में इस फर्म को ब्लैक लिस्ट कर भुगतान रोक दिया गया था।
डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन के लिए वर्ष 2019 में कई फर्मों को जोनवार जिम्मेदारी दी गई थी। इनमें एक फर्म आनंद नारायण कॉन्ट्रैक्टर्स के मालिक आनंद साहू के मुताबिक उनकी फर्म ने नगर निगम के जोन- 4 में 16 दिसंबर 2019 से डोर टू डोर कूड़ा कलेक्शन शुरू किया था।
जोन-2 में आयुषि हाइजिन एंड केयर प्राइवेट लिमिटेड यह काम कर रही थी जिसका अनुबंध अप्रैल 2021 में खत्म हुआ तो जोन- 4 के साथ उनकी फर्म को 1 मई 2021 से जोन- 2 का भी काम दे दिया गया। उनकी फर्म का 30 अप्रैल 2023 को अनुबंध खत्म हुआ तो नया टेंडर होने तक दो महीने का समय विस्तार कर दिया गया।
इसके बाद 27 सितंबर 2023 को आनंद नारायण कॉन्ट्रैक्टर्स को ब्लैकलिस्ट कर उसका भुगतान रोक दिया गया। आनंद साहू ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की तो हाईकोर्ट ने भुगतान का आदेश दिया लेकिन उसका भी पालन नहीं किया गया। इस पर हाईकोर्ट ने नगर आयुक्त को 5 अप्रैल 2024 को अवमानना नोटिस जारी कर दिया। इससे नगर निगम के अफसरों में खलबली मच गई।
मामला गंभीर होते देख नगर निगम की ओर से 10 मई 2024 को फर्म को 23.53 लाख का भुगतान कर दिया गया। सोमवार को हाईकोर्ट में इस केस की सुनवाई होनी थी जो टल गई। अपर नगर आयुक्त एसके यादव ने बताया कि कोर्ट के आदेश का पालन कर दिया गया है। नगर निगम के अधिवक्ता ने हाईकोर्ट में पक्ष रखा है।
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