मुरादाबाद: शहर में 10 की जगह 60 रुपये किराया वसूल रहे ऑटो चालक

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 मुरादाबाद,.अमृत विचार। गीतकार चंद्रशेखर मिश्र ने यह रचना जिस भी हाल को लेकर की हो, मगर यहां शहर के आटो संचालन और किराया वसूली पर सटीक बैठती है। प्रशासन ने सीएनजी आटो (हर रूट) का किराया दस रुपये तय किया है। मगर आटो चालक सवारी से मनमानी किराया वसूल रहे हैं। जिम्मेदार इस बात पर …

 मुरादाबाद,.अमृत विचार। गीतकार चंद्रशेखर मिश्र ने यह रचना जिस भी हाल को लेकर की हो, मगर यहां शहर के आटो संचालन और किराया वसूली पर सटीक बैठती है। प्रशासन ने सीएनजी आटो (हर रूट) का किराया दस रुपये तय किया है। मगर आटो चालक सवारी से मनमानी किराया वसूल रहे हैं। जिम्मेदार इस बात पर पूरी तरह से चुप हैं।

भीलों ने लूट लिए वन, राजा को खबर तक नहीं।
रानी हुयीं बदचलन, राजा को खबर तक नहीं।

दस की जगह साठ रुपये तक किराया चुकाकर लोग सफर को मजबूर हैं। जिम्मेदारों को इस बात की कोई फिक्र नहीं है। अमृत विचार ने शहर में आटो संचालन की हालत और किराया की पड़ताल की तो कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये। संवाददाता ने अकबर किला से प्रभात मार्केट, हरथला से पीली कोठी और पीतलनगरी से हरथला के लिए आटो की सवारी की। कहीं भी दस रुपये में यात्रा पूरी नहीं हो पायी। चालक शानू ने कहा कि हरथला से पीतलनगरी जाना है तो साठ रुपये देने होंगे।

आटो संख्या यूपी 21 एएन 0742 ने विवेकानंद से पीलीकोठी का किराया 20 रुपये लिया। आटो संख्या यूपी 21 सीएन 9224 ने पीलीकोठी से इंपीरियल का किराया 20 रुपये लिया। पुलिस और प्रशासन द्वारा में शहर में दो स्टेशनों के बीच का आटो किराया दस रुपये निर्धारित होने के सवाल को खारिज कर गए। बोले, पंद्रह रुपये से कम का किराया तो कहीं का नहीं है। सीओ यातायात मजीद अफसर का कहना है कि सभी रूट और आटो पर किराया लिखवाया गया है। हर रूट का किराया दस रुपये ही निश्चित है।

चार जोन में बंटा है शहर
रेलवे स्टेशन- कांठ रोड
रेलवे स्टेशन- लाकड़ी फाजलपुर-पाकबड़ा
स्टेशन रोड- इंपीरियल तिराहा-हनुमान मूर्ति
स्टेशन रोड- हनुमान मूर्ति-कोहिनूर तिराहा-आरटीओ

यह है शहर का ट्रैफिक प्रबंध (यातायात पुलिस)
टीआई- दो
टीएसआई- पांच
एससीपी- दो
हेड कांस्टेबिल- पांच
कांस्टेबिल- 56
होमगार्ड- 100+
पीआरडी जवान- 50

कोरोना काल में दी गयी रियायत
आटो चालकों ने एसपी ट्रैफिक और परिवहन विभाग के अफसरों से कोराना काल की दिक्कत का हवाल देकर बीते दिनों कुछ रियायत मांगी थी। उसके बाद आटो को रूट और जोन की शर्त में छूट देकर रेलवे स्टेशन से हनुमान मूर्ति तिराहे तक चलाने की छूट दे दी है।

सीटिंग के नियम की अनदेखी आमबात
कोरोना काल में तीन पहिया और अन्य वाहनों पर सवारी बैठाने की शर्त की निगरानी के दावे किए गए। ऐसा संक्रमण से बचाव के मद्देनजर प्रभावी किया गया। उधर, विभाग का नियम भी है कि आटो और ई-रिक्शा पर कितनी सवारी बैठायी जा सकती है। आटो में तीन सवारी मान्य है और ई-रिक्शा में पांच। लेकिन उसके बाद भी सामान की तरह सवारियां भरी जा रहीं हैं।

संरक्षक आटो यूनियन किशन लाल सिंह ने बताया कि  रेट की कुछ शिकायतें हैं। मगर ऐसे चालक सिटी के नहीं हैं। स्टेशन से विवेकानंद तक के लिए पंद्रह रुपए की बात हुई थी, मगर लागू नहीं हो पाई। शहर में करीब तीन सौ आटो कांठ परमिट के चल रहे हैं। कुछ लोगों ने बिना परमिट आटो चलाना शुरू कर दिया है। ऐसे लोग मनमाना किराया वसूल रहे हैं।

 

 

 

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