बरेली: लूट और हत्या की वारदात में पुलिस का शक अभी तक हेमलता के पति पर ही, जल्द कर सकती है खुलासा

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Edited By Amrit Vichar
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तीसरे दिन भी हुई राजकुमार से पूछताछ, पुलिस के मुताबिक बयानों में है काफी विरोधाभास

बरेली, अमृत विचार। शाही के गांव दुनका के पास लूटपाट के दौरान हेमलता की गोली मारकर हत्या कर दिए जाने के मामले में पुलिस की छानबीन का फोकस अब तक उसके पति राजकुमार पर ही है। बृहस्पतिवार को तीसरे दिन पुलिस ने राजकुमार से लंबी पूछताछ की, साथ ही उसे घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट भी किया। पुलिस के मुताबिक राजकुमार के बयानों से बार-बार विरोधाभास पैदा हो रहा है। शक की एक वजह यह भी है कि वारदात के बाद उसने अपने परिवार वालों के बजाय दो दोस्तों को फोन किया था और घटनास्थल से खुद चला गया था।

शाही के गांव बकैनिया में रहने वाले राजकुमार की शादी 10 महीने पहले ही शीशगढ़ के गांव मल्सा खेड़ा की हेमलता के साथ हुई थी। मंगलवार को राजकुमार अपनी ससुराल गया था और शाम साढ़े पांच बजे हेमलता को बाइक पर लेकर घर लौटने के लिए निकला था। राजकुमार के मुताबिक दुनका से निकलने के बाद उसने इंडियन पेट्रोल पंप पर बाइक में पेट्रोल डलवाया और उसके बाद बकैनिया जाने वाले कच्चे चक रोड से गुजर रहा था। इसी बीच शाम करीब सात बजे नहर के पास बदमाशों ने घेरकर बाइक रोक ली और तमंचों के जोर पर लूटपाट शुरू कर दी। हेमलता ने जेवर उतरवाते समय विरोध किया तो उसके सीने और गर्दन पर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी।

दो दिन से इस घटना की छानबीन में जुटी पुलिस ने बृहस्पतिवार को राजकुमार को घटनास्थल पर ले जाकर सीन रीक्रिएट किया। इसके बाद एसपी दक्षिणी मानुष पारीक और एसपी उत्तरी मुकेश चंद मिश्रा ने घंटों राजकुमार से पूछताछ की। इस दौरान राजकुमार ने बताया कि पत्नी की हत्या के बाद उसने पहला फोन अपने दोस्त रामबहादुर को किया था। रामबहादुर उस दौरान कहीं मजदूरों के साथ काम कर रहा था लेकिन घटनास्थल पर अकेले पहुंचा।

राजकुमार ने दूसरा फोन अपने दोस्त सचिन को किया था जो कुछ लोगों के साथ मौके पर पहुंचा। इस बीच खुद राजकुमार वहां से जा चुका था। पुलिस के मुताबिक उसे जब ढूंढकर लाया गया तब उसके कपड़ों पर न मिट्टी लगी थी और न खून के छीटे थे। पुलिस का कहना है कि राजकुमार जिन जेवरों को लूटने की बात कर रहा है, वे सब चांदी के थे। यह बात हजम होने लायक नहीं है कि बदमाश चांदी के जेवर लूट ले गए लेकिन उसकी महंगी मोटरसाइकिल वहीं छोड़ गए।

चार महीने से फोन नहीं चला रही थी हेमलता
पुलिस की जांच में यह भी पता चला कि हेमलता करीब चार महीने से मोबाइल फोन नहीं चला रही थी। पुलिस इस बारे में और पड़ताल कर रही है। पुलिस इस बात पर भी जोर दे रही है कि राजकुमार सोमवार सुबह करीब 10 बजे अपने घर से ससुराल जाने के लिए निकला था। ससुराल में दोपहर खाना खाने के बाद हेमलता को शीशगढ़ ले जाकर अल्ट्रासाउंड कराया था जिसमें वह चार महीने की गर्भवती निकाली। पुलिस का दावा है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर दिया जाएगा।

सीन रीक्रिएशन : 15 मिनट में वारदात इस बीच कोई और नहीं गुजरा रास्ते से
घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम के साथ सीन रीक्रिएशन के बाद पुलिस ने निष्कर्ष निकाला कि पूरी वारदात करीब 15 मिनट में हुई और इस बीच रास्ते से कोई और नहीं गुजरा। पुलिस अब इस आधार पर दूसरे निष्कर्ष निकालने की कोशिश कर रही है। बुधवार को हेमलता का भारी पुलिस फोर्स की मौजूदगी में अंतिम संस्कार किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि पुलिस कातिल के करीब पहुंच गई है।

घटनास्थल पर पुलिस ने सीन रीक्रिएट कराकर साक्ष्य जुटाए हैं। तीसरे दिन भी राजकुमार से पूछताछ की गई है। उसके बयानों में लगातार विरोधाभास सामने आ रहे हैं। पुलिस प्रेमप्रसंग के एंगल पर भी जांच कर रही है। - मानुष पारीक, एसपी देहात दक्षिणी

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