पीलीभीत: पर्यटन नियमों का उल्लंघन किया तो सफारी वाहनों पर होगी कार्रवाई, टाइगरों के नजदीक जाकर की जा रही फोटोग्राफी पर डीडी ने लिया एक्शन

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Edited By Amrit Vichar
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पीलीभीत, अमृत विचार। पीटीआर में लगातार सफारी वाहनों द्वारा किए जा रहे पर्यटन नियमों के उल्लंघन पर डिप्टी डायरेक्टर ने सख्त रुख अपनाया है। उन्होंने महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी को उल्लंघन करने वाले सफारी वाहनों के खिलाफ वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।

पीलीभीत टाइगर रिजर्व में आने वाले सैलानियों की सुविधा के लिए जीनॉन एवं जिप्सी सफारी वाहनों का संचालन किया जा रहा है। पूर्व में इनमें से कुछ सफारी चालकों और गाइडों द्वारा सैलानियों को नजदीक से बाघ दिखाने और उन्हें एक साथ कई सफारी वाहनों से घेरने की सूचनाएं पीटीआर प्रशासन को मिली थी। इस पर टाइगर रिजर्व प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी सफारी चालकों को अलग-अलग रुट पर जाने के निर्देश दिए थे। 

हालांकि कुछ दिन तक मामला ठीक-ठाक चला, लेकिन पिछले कुछ दिनों से पीटीआर प्रशासन को फिर सफारी चालकों द्वारा पर्यटन नियमों का उल्लंघन करने की सूचनाएं मिलने लगी। गत 15 मई को डिप्टी डायरेक्टर को सूचना मिली कि एक पर्यटक द्वारा सफारी वाहन रुकवाकर टाइगर के निकट जाकर फोटो एवं वीडियोग्राफी की गई। 

साथ ही अन्य सफारी जिप्सी चालकों द्वारा भी टाइगर के निकट पहुंचकर गाड़ियों को लगाने की सूचना मिली थी। इसके अलावा 16 मई को भी सुबह सफारी के दौरान एक जिनॉन सफारी द्वारा टाइगर के बहुत पास जाकर वीडियोग्राफी कराई गई। मामले को गंभीरता से लेते हुए पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने महोफ रेंज के क्षेत्रीय वनाधिकारी सहेंद्र यादव से नाराजगी भी जताई। 

पीटीआर में जंगल सफारी के दौरान लगातार हो रहे पर्यटन नियमों के उल्लंघन पर डिप्टी डायरेक्टर से सख्त रुख अपनाते हुए पर्यटन नियमों का उल्लंघन करने वाले सफारी वाहन चालकों पर वन्यजीव अधिनियम के तहत सुसंगत धाराओं में कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी डायरेक्टर ने क्षेत्रीय वनाधिकारी को भेजे पत्र में कहा कि ऐसी परिस्थितियों में किसी दिन कोई अप्रिय घटना घट सकती है। यदि ऐसा होता है तो इसकी पूरी जिम्मेदारी क्षेत्रीय वनाधिकारी की होगी। डिप्टी डायरेक्टर के इस आदेश के बाद सफारी चालकों में खलबली मची हुई है।

पीटीआर में सफारी वाहनों को टाइगर के नजदीक ले जाकर वीडियोग्राफी कराने के मामले प्रकाश में आए हैं। इससे वन्यजीवों के साथ सैलानियों की सुरक्षा को भी खतरा है। अब यदि कोई भी सफारी चालक पर्यटन नियमों का उल्लंघन करते पाया गया तो उसके विरुद्ध वन्यजीव अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। - मनीष सिंह, डिप्टी डायरेक्टर, पीटीआर

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