प्रयागराज: विभाग का पक्ष रखने वाले अधिवक्ताओं को आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध कराने का निर्देश
प्रयागराज, अमृत विचार। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक मामले की सुनवाई के दौरान अपनी विशेष टिप्पणी में आयुक्त, राज्य कर, उत्तर प्रदेश को यह विचार करने का निर्देश दिया कि विभाग की ओर से प्रस्तुत होने वाले अधिवक्ता समर्थन और दस्तावेज उपलब्ध न होने के कारण अपने मामले पर प्रभावी ढंग से बहस करने में असमर्थ रहते हैं। कोर्ट ने आगे कहा कि विपक्षी अधिकारियों की ओर से पेश होने वाले अधिवक्ता को सहायता न देने और प्रासंगिक दस्तावेज उपलब्ध न कराने के संबंध में अधिकारियों को एक सामान्य चेतावनी दी जानी आवश्यक है, जिसके परिणामस्वरूप विभाग के अधिवक्ता विभाग के मामले का बचाव करने में विफल रहते हैं और कोर्ट को फैसला याची के पक्ष में देना पड़ता है।
उक्त आदेश न्यायमूर्ति शेखर बी सराफ की एकलपीठ ने मैसर्स के वाई टोबैको वर्क्स प्रा. लिमिटेड की याचिका को स्वीकार करते हुए पारित किया। कोर्ट ने मामले पर विचार करते हुए कहा कि ई-वे बिल के दोहरे इस्तेमाल के खिलाफ बिना सबूतों के निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता। ऐसा निष्कर्ष मूल्यांकन प्राधिकारी द्वारा पाए गए तथ्यों और सबूतों पर आधारित होना चाहिए। यह सुनिश्चित करना अधिकारियों का कर्तव्य है कि क्या वास्तव में माल की दोहरी आवाजाही हुई है। कर चोरी का इरादा विभाग द्वारा स्थापित न करने पर कोर्ट ने याचिका स्वीकार कर ली।
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