पीलीभीत: सुविधाएं बदहाल...नरक जैसे हो गए कांशीराम कॉलोनियों के हाल, भवन जर्जर छज्जा लटका तो कहीं चटकने लगी दीवारें
पीलीभीत, अमृत विचार : बसपा सरकार में बनाई गई कांशीराम कॉलोनियां लंबे समय से अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही हैं। यहां पीने के पानी से लेकर जल निकासी, लाइट से सफाई तक की व्यवस्थाएं लचर हैं। आलम यह है कि भवन अब जर्जर होने लगे हैं। किसी का छज्जा टूट रहा है, तो किसी की दीवार चटकने लगी है। जो कभी भी हादसे का सबब बन सकती है। जिम्मेदार भी इस ओर ध्यान देना लाजमी नहीं समझ रहे हैं।
ऐसे में यहां रहने वाले लोग हर रोज तमाम समस्याओं का सामना करने को मजबूर हैं। कुछ लोगों ने यहां की समस्याओं से परेशान होकर अपना घर तक छोड़ने का निर्णय ले लिया। नौगवां पकड़िया को नगर पंचायत का दर्जा मिलने के बाद भी इन कॉलोनियों की बदहाली दूर नहीं हो सकी।
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बसपा शासनकाल में शहर के आवास विकास, ईदगाह और ट्रांसपोर्ट नगर इलाके में काशीराम आवासीय कालोनी बनाई गई थी। जरूरतमंदों को छत का तोहफा देते हुए इसमें मकान दे दिए गए थे। बसपा सरकार रहते तो इन तीनों कॉलोनियों में सुविधाओं की भरमार रही। मगर, उसके बाद से यहां के बाशिंदे अनदेखी का ही शिकार होते रहे। साफ सफाई, बिजली और पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। कभी लाइटें खराब होती है। कहीं बारिश में जलभराव की समस्या बनी रहती है।
काशीराम कॉलोनी ट्रांसपोर्ट नगर और ईदगाह में करीब तीन हजार से अधिक परिवार जीवन यापन कर रहे हैं। मगर उन्हें कोई भी सुविधा नहीं मिल रही है। काशीराम कॉलोनी ट्रांसपोर्ट नगर की बात करें तो यहां पर करीब 15 से 20 हैंडपंप लगे हुए हैं। लेकिन संचालित अवस्था में एकाध ही हैं। किसी का हैंडल अलग पड़ा है तो कहीं हैंडपंप पर कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कई बार शिकायत करने के बाद भी कोई देखने के लिए नहीं आता है।
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इतना ही नहीं जिस ओवरहैड टैंक से पानी की सप्लाई दी जाती है, उसमें गंदगी के ढेर हैं। जहां मच्छर और तमाम कीड़े पनप रहे हैं। जो लाइन लीकेज होने पर पानी को दूषित कर रहे हैं। कॉलोनी के लोगों ने कई बार शिकायत की, मगर समाधान नहीं हो सका। अब सिर्फ नाला सफाई कराई जा रही है। जिसकी कीचड़ सड़क पर फैली हुई है तो आधी सड़क पर लोगों ने अतिक्रमण किया हुआ है। जिस वजह से लोगों आने जाने में दिक्कत हो रही है।
काशीराम कॉलोनी ईदगाह का हाल-बेहाल
इस कॉलोनी में करीब दो हजार लोग अपना जीवन यापन कर रहे हैं। जिनमें अधिकतर लोग मजदूरी पेशा से जुड़े हुए हैं। जिनको यह आवास बसपा काल में आवंटित हुए थे। इस कॉलोनी के वार्ड नंबर छह में नरक जैसे हालत बने हुए हैं। आलम यह है कि कहीं आवासों के पीछे कूड़े के ढेर लगे हुए हैं। कहीं मकान की दीवार चटक रही है। जिनकी कोई मरम्मत कराना भी जरुरी नहीं समझ रहा है। आवासों में रहने वाले अधिकतर लोग पीछे की तरफ कूड़ा फेंक देते हैं। जिसका उठान न होने के कारण वहां गंदगी पनप रही है। जिसमें मच्छर आदि का लार्वा पल रहा है। गर्मी के इस मौसम में कूड़े के ढेर से उठने वाली दुर्गेध से लोग परेशान हैं। जगह-जगह कूड़ा फैल रहता है।
वहीं कॉलोनी में लाइट की कोई भी समुचित व्यवस्था नहीं है। कॉलोनी में बने स्कूल के पास भी लाइटें नहीं लगी है। जिस वजह से शाम होते ही अंधेरा छा जाता है। ऐसे में लोगों को दिक्कत होती है। अभी तक कॉलोनी में नगर पंचायत की ओर से एक बार भी फॉगिंग नहीं कराई गई है। तो वहीं कई जगह आवासों में पानी की सप्लाई भी नहीं पहुंच रही है।
नगर पंचायत कार्यालय जाने वाली सड़क पर पानी ही पानी, नाले चोक
बीते सालों में डेंगू और मलेरिया से नौगवां और इस्लाम नगर में लोगों की मौतें होने के बाद भी नगर पंचायत इसको लेकर संवेदनहीन बनी हुई है। इस मौसम में भी नगर पंचायत की ओर से नौगवां पकड़िया और इस्लामनगर में साफ सफाई नहीं कराई जा रही है।
आलम यह है कि नगर पंचायत को जाने वाली सड़क दशकों से जर्जर है। जहां जगह-जगह जलभराव हो रखा है। जिस वजह से लोगों और स्कूली बच्चों को आने जाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। जबकि नगर पंचायत के अफसर भी प्रतिदिन इस सड़क से होकर ही अपने कार्यालय पहुंचते हैं। फिर भी सड़क का निर्माण नहीं कराया जा रहा है।
मानसून के मौसम शुरु होने के बाद भी नाले का निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है। जिसके निर्माण में भी लापरवाही बरती जा रही है। नाला निर्माण में चार और तीन सूत की सरिया का प्रयोग किया जा रहा है। इधर, इस्लामनगर क्षेत्र में प्राथमिक विद्यालय के बाहर ही कूड़े के ढेर लगे रहते हैं। वहीं नाले भी पूरी तरह से चोक है। जिसका खामियाजा यहां रहने वाले लोगों और स्कूल आने वाले बच्चों को भुगतान पड़ रहा है। जगह-जगह गड्ढों में पानी भरा हुआ है। जिसमें मच्छरों का लार्वा पनप रहा है।
क्या कहते हैं ईओ
नगर पंचायत क्षेत्र में प्रतिदिन साफ सफाई कराई जा रही है। संचारी रोग और आगामी मानसून को देखते हुए नालों की सफाई के साथ फॉगिंग भी कराई जा रही है। अगर कहीं कोई कमी है, तो उसे दूर कराया जाएगा। आवासों के जर्जर होने का मामला संज्ञान में आया है। जिसको लेकर उच्च अधिकारियों से वार्ता की जाएगी। क्योंकि यह कार्य बोर्ड के स्तर से नहीं कराया जा सकता है। - एजाज अहमद, ईओ नगर पंचायत नौगवां पकड़िया
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