पीलीभीत: अयोध्यापुरम के वाशिंदे बोले, न ही सीमेंट-बालू का अनुपात और न लेबल ठीक....सरिया भी मानकविहीन
पीलीभीत, अमृत विचार। अयोध्यापुरम कॉलोनी में कराए जा रहे नाला निर्माण में धांधली बरतने का मामला प्रशासनिक अधिकारियों तक पहुंचा है। गलत तरीके से नाला निर्माण कराने और गुणवत्ता को दरकिनार करने का आरोप लगाते हुए कॉलोनी वासियों ने एडीएम वित्त एवं राजस्व से शिकायत की। जिसमें काफी संगीन आरोप लगाए गए। मामले की जांच कराकर कार्रवाई की मांग की गई है।

अयोध्यापुरम कॉलोनी के लोग सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे और एडीएम वित्त एवं राजस्व ऋतु पूनिया को शिकायती पत्र सौंपा। जिसमें बताया कि उनकी कॉलोनी में नगर पालिका की ओर से नये नाले का निर्माण कार्य कराया जा रहा है। मगर इस नाले में गुणवत्ता पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा।
आलम ये है कि एक परात सीमेंट है तो उसमें सात परात बाबलू का मिश्रण किया जा रहा है। नाले की परत पर एक इंच का मसाला डाला जा रहा हे। नाले में हर जगह लीकेज अभी से हो रहा है। सरिया भी मानक के हिसाब से नहीं लगाई जा रही हे। इतना ही नहीं नाले का लेबल भी ठीक नहीं है। कहीं नाला ऊंचा है तो कहीं नीचा। आरोप लगाया कि ठेकेदार तो मौके पर आया ही नहीं। लेबर ही अपने हिसाब से काम कर रही है। इस नाले की काफी मिट्टी भी ठेकेदार की ओर से बेच दी गई है।
मामले की जांच कराकर कार्रवाई करने और गुणवत्तापूर्ण नाला निर्माण कराने की मांग की गई। शिकायत करने वालों में रमेश गौतम, करन सिंह, अनंतराम, कंचन प्रसाद, संजीव कुमार, लाल बहादुर मौर्य, रामस्वरूप, सुशील, भूपराम मौर्य, दीपक कुमार, प्रेम प्रकाश वर्मा आदि थे। एडीएम ने शिकायत को गंभीरता से लेते हुए मामले की जांच कराकर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
..तो ठेकेदार को लेकर जिम्मेदार खुद ही बेबस
शिकायतकर्ताओं की मानें तो ठेकेदार को एक नेताजी का संरक्षण प्राप्त है। जिसकी वजह से जिम्मेदार भी खुद को बेबस मान रहे हैं। एक शिकायतकर्ता का कहना था कि जब शिकायत करने के दौरान नगर पालिका के एक जिम्मेदार से वार्ता की गई तो वह भी खुद की बेबसी जाहिर कर गए थे। फिलहाल मामला एडीएम तक पहुंचने के बाद खलबली मच गई है।
ये भी पढे़ं- पीलीभीत: उफ! ये बिजली कटौती...व्यापारियों ने दिया सात दिन का अल्टीमेटम, धरना प्रदर्शन की दी चेतावनी
