यूपी में युवाओं का घट रहा डीएलएड से मोह? कॉलेजों में 47 हजार सीटें खाली, जानिए कब निकालेगी सरकार शिक्षक भर्ती
अमृत विचार लखनऊ। बेसिक शिक्षा परिषद की ओर से संचालित प्राथमिक विद्यालयों में नई शिक्षक भर्ती न निकाले जाने की वजह से यूपी में डिप्लोमा इन एलीमेंट्री एजूकेशन (डीएलएड) से युवाओं का मोह भंग हो रहा है। यही कारण है कि इस बार कॉलजों में 47 हजार से अधिक सीटें खाली रह गई हैं। इससे पहले बीएड करने वाले अभ्यर्थियों की बेसिक शिक्षा परिषद में भर्ती पर रोक लगी हुई थी। अब नई भर्ती न आने से डीएलएड से भी मोह भंग हो रहा है। अधिकांश युवाओं की अब ये सोच होती जा रही है कि जितना समय वह शिक्षक भर्ती के लिए इंतजार करेंगे उतना समय दूसरे करियर में लगायेंगे तो कल शायद कुछ बेहतर हो जाये।
डीएलड सीटों सबसे अधिक निजी कॉलेजों में खाली, ये भी है वजह
प्रदेश में 77 ऐसे निजी कॉलेज हैं जो डीएलएड करवाते हैं। लेकिन इस बार इनके यहां 47 हजार से अधिक सीटें इसलिए खाली रह गई क्योंकि फीस का भी एक चक्कर पड़ रहा है। निजी कॉलेजों में हाई प्रोफाइल फीस के चलते अभ्यर्थी हाथ खड़े कर रहा है। उधर भर्ती का भी कुछ अता पता नहीं है। वहीं सरकारी कॉलेज पाने के लिए अभ्यर्थियो को कड़ी मेहनत करनी पड़ेगी। सभी छात्र मेरिट में आ भी नहीं पाते हैं इसलिए उन्हें सरकारी कॉलेज मिलना मुश्किल होता है और किसी भी तरह के जुगाड़ का भी विकल्प प्रदेश सरकार ने छोड़ा नहीं है।
अंतिम तिथि बढ़ने के बाद भी नहीं भरी सीटें
कॉलेजों में सीटों के सापेक्ष आवेदन नहीं आने पर अंतिम तिथि बढ़ाई भी गई, इसके बावजूद कालेजों की सभी सीटें भरी नहीं जा सकीं। इस स्थिति को देखते हुए शासन के निर्देश पर पीएनपी सचिव ने रिक्त रह गईं सीटों पर सीधे प्रवेश लेने की अनुमति दी। सचिव ने बताया कि अल्पसंख्यक कालेजों की सीटों को छोड़कर निजी संस्थानों की 2,15,575 सीटों पर प्रवेश के लिए काउंसिलिंग कराई गई, जिसके सापेक्ष 1,82,938 सीटों पर छात्र-छात्राओं ने प्रवेश लिए। इसके अलावा अल्पसंख्यक कालेजों में 9821 सीटों पर लिए गए प्रवेश को मिलाकर कुल 1,92,759 प्रवेश हुए। इस तरह कुल 47041 सीटें खाली रह गईं।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने सदन में एक सवाल पर दिया था ये जवाब
विधानसभा के बजट सत्र में एक प्रश्न पर बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह भी जवाब पहले ही दे चुके हैं। मंत्री का कहना था कि बेसिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत शिक्षा मित्र और अनुदेशक दोनों पढ़ाई करवा रहे हैं। इसमें अनुदेशक, शिक्षा मित्र और सहायक अध्यापकों को मिलाकर वर्तमान में शिक्षकों की संख्या 6,28,915 है। इसलिए किसी भी स्कूल में शिक्षकों की कमी नहीं है। मंत्री ने ये भी बताया था कि हमारी सरकार में 2017 से लेकर अभी तक 1,26,371 नये शिक्षकों की नियुक्ति कर चुकी है। ये नियुक्तियां भी बेहद पारदर्शित के तरीके से की गई हैं। हालांकि शिक्षक भर्ती नहीं करेंगे ये भी बात मंत्री ने नही कही थी। बताया जा रहा है कि खाली पदों पर सरकार शिक्षक भर्ती के लिए विचार कर सकती है।
