प्रयागराज : वुजूखाने के एएसआई सर्वेक्षण की मांग वाली याचिका पर जुलाई के पहले सप्ताह में सुनवाई की उम्मीद

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अमृत विचार, प्रयागराज।  इलाहाबाद हाईकोर्ट में वाराणसी के विवादित ज्ञानवापी परिसर स्थित वुजूखाने का भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण कराने की मांग वाली याचिका पर जुलाई के पहले सप्ताह में सुनवाई होगी। श्रृंगार गौरी मामले की याची राखी सिंह की ओर से दायर पुनरीक्षण याचिका (सिविल रिवीजन) पर उपयुक्त पीठ नामित करने के लिए मामले को मुख्य न्यायाधीश अरुण भंसाली के समक्ष भेजा गया था। बुधवार को न्यायमूर्ति अजीत कुमार की पीठ के समक्ष यह मामला सुना गया।

मंदिर पक्ष की ओर से अधिवक्ता सौरभ तिवारी ने कोर्ट को बताया कि न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल की पीठ को सुनवाई के लिए नामित किया गया था। इस पर न्यायमूर्ति अजीत कुमार ने पूछा कि फिर यह मामला मेरी कोर्ट में कैसे आया? रिकार्ड देखने के बाद पुनः विचार के लिए इसे मुख्य न्यायाधीश के समक्ष भेज दिया गया। अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी की तरफ से वकालतनामा दाखिल किया गया। वरिष्ठ अधिवक्ता एसएफए नकवी उनकी तरफ से बहस करेंगे।

मालूम हो कि वाराणसी जिला जज के 21 अक्टूबर, 2023 के आदेश के विरुद्ध हाईकोर्ट में सिविल रिवीजन दायर की गई है। न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने 31 जनवरी को मामले में विस्तृत बहस सुनने के बाद अंजुमन इंतेजामिया मस्जिद कमेटी को नोटिस जारी किया था। बता दें कि वाराणसी के जिला जज ने सर्वोच्च न्यायालय के आदेश का हवाला देकर एएसआइ सर्वे का आदेश देने से इन्कार कर दिया था। मंदिर पक्ष का तर्क है कि एएसआइ के वैज्ञानिक सर्वे से कथित वुजूखाने को कोई नुकसान नहीं होगा।सुप्रीम कोर्ट के आदेश का उल्लंघन भी नहीं होगा, क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने वुजूखाने क्षेत्र को सुरक्षित और संरक्षित करने का आदेश दिया है।

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