Bareilly News: विदेश में बैठे ठग शेयर ट्रेडिंग में लाखों लगवाने के बहाने कर रहे ठगी
दिग्विजय मिश्रा, बरेली, अमृत विचार। साइबर अपराधी रोजाना नए-नए तरीकों से लोगों को अपने जाल में फंसाकर ठगी कर रहे हैं। अब विदेश में बैठे अपराधी शेयर ट्रेडिंग के बहाने लाखों रुपये की ठगी कर रहे हैं। ठगों के जाल में पढ़े-लिखे लोग भी फंस रहे हैं। ठग लोगों से डीमेट अकाउंट खुलवाकर रुपये लगवाते हैं और फिर अधिक रकम होने पर अकाउंट ही बंद कर देते हैं।
साइबर ठग सोशल मीडिया के अलग-अलग प्लेटफार्म पर नामी कंपनियों से मिलते-जुलते नाम के लिंक भेजते हैं। जिसमें कम समय में अधिक रुपये कमाने और शेयर बढ़ने का झांसा दिया जाता है। शेयर मार्केट में रुचि रखने वाले लोग तुरंत लिंक खोल लेते हैं और विदेश में बैठे ठग नामी कंपनियों के नाम से फर्जी कंपनी में आनलाइन अकाउंट खुलवाते हैं। उसके बाद उसमें रुपये डालने को कहते हैं।
खाते में रुपये डालने पर डबल दिखने लगता है, जिस पर लोग ठगों के झांसे में आ जाते हैं। उसके बाद उसमें लाखों रुपये डालने शुरू कर देते हैं। पांच लाख या फिर उससे अधिक होने के बाद अगर लोग रुपये निकालने की कोशिश करते हैं तो ठग उसमें नया नियम बताते हुए और रुपये डालने को कहते हैं। उसके बाद जब ठगों को लगता है कि अब और रुपये नहीं आने वाले तो उस खाते को ब्लाक कर देते हैं। इसके बाद रकम को कृिप्टो करेंसी के जरिए विदेश में ले जाते हैं।
गूगल से किसी भी नामी कंपनी की वेबसाइट और मदद के लिए नंबर लेते समय बहुत ही सावधानी से बरतने की जरूरत है। सोशल मीडिया पर आने वाले लिंक फिशिंग लिंक होते हैं। इन पर क्लिक करते ही स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड हो जाता है। लोग जब तक कुछ समझ पाते हैं तब तक उनका मोबाइल पे-वालेट हैक हो जाता है। ठग कुछ ही सेकेंड में बैंक खाते में मौजूद रकम भी खाली कर देते हैं। त्योहारों पर नए-नए ऑफर देकर ठग लोगों को जाल में फंसाते हैं। ऐसे विज्ञापन फेसबुक और इंस्टाग्राम पर सबसे ज्यादा आते हैं।
धार्मिक स्थलों को भी ठगों ने बनाया हथियार
साइबर ठग धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लोगों को भी मिलती जुलती वेबसाइटों के जरिए ठगी का शिकार बना रहे हैं। अयोध्या में होटलों और धर्मशालाओं के बुक करने के बहाने भी शहर के दो लोगों से ठगी हुई। सुभाषनगर के अधिवक्ता मुकुल दीक्षित और अग्रवाल सभा के अध्यक्ष उमानाथ अग्रवाल से भी इसी तरह से ठगी हुई।
डिजिटल अरेस्ट करके भी फंसा रहे जाल में
साइबर ठग मौजूदा समय में लोगों को डिजिटल अरेस्ट करके भी जाल में फंसा रहे हैं। इसमें ठग खुद को पुलिस या किसी विभाग का अधिकारी बताते हैं और फिर किसी मामले में फंसाने के बहाने से खातों में रकम डलवा लेते हैं। हालही में बारादरी थाना क्षेत्र के ग्रीन पार्क निवासी माइक्रो साफ्ट कंपनी में काम कर चुके एक युवक को डिजिटल अरेस्ट कर 13 लाख रुपये ठग लिए गए। 21 फरवरी को एक मेडिकल कॉलेज की परास्नातक छात्रा को साइबर ठगों ने डिजिटल अरेस्ट कर आठ लाख रुपये ठग लिए थे।
2023 में ठगों ने 40 लोगों से पांच लाख से अधिक रुपये ठगे
साइबर थाने के रिकार्ड के अनुसार वर्ष 2023 में विदेश में बैठे ठगों ने 40 से अधिक लोगों के साथ ठगी की। इन ठगों के शिकार हुए अधिकतर लोग शेयर ट्रेडिंग में फंसे थे, जबकि, जनवरी 2024 में अब तक पांच लाख रुपये से अधिक वाले 20 लोगों ने साइबर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। खास बात यह है कि ठगी में फंसे लोग 95 प्रतिशत लोग पढ़े लिखे लोग हैं।
इन पर भी रखें शक की नजर...
लोग जरूरत पड़ने पर कस्टमर केयर का नंबर अक्सर गूगल पर सर्च करते हैं। साइबर ठगों ने गूगल पर फर्जी कस्टमर केयर नंबरों की भरमार कर रखी है। इन पर संपर्क करते ही ठग जाल में फंसा लेते हैं।
अगर अज्ञात नंबर से वीडियो कॉल आए तो फोन उठाकर सीधे कैमरे के सामने न आएं। पहले उंगली रखकर अपना कैमरा बंद कर लें। ठग अक्सर सामने एक नग्न युवती को बैठाकर फोटो ले लेते हैं और फिर ब्लैकमेल करते हैं।
कोई बैंक कभी फोन पर डिटेल नहीं मांगता। अगर कोई खुद को बैंक कर्मी बताकर फोन पर आपसे बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी या केवाईसी के बारे में पूछे तो उसे कोई भी जानकारी देने से बचें वर्ना ठगी के शिकार हो जाएंगे।
ऐसे बच सकते हैं साइबर ठगी से
किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। फ्री गिफ्ट देने का वादा करने वाली कॉल पर सतर्क रहें। अपने पासवर्ड को नियमित रूप से बदलते रहें। ठगी हो जाए तो तत्काल हेल्पलाइन नंबर 1930 पर सूचना दें। किसी भी वेबसाइट पर जानकारी साझा करने से पहले जांच कर लें। कस्टमर केयर नंबर आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें। आधिकारिक वेबसाइट से ही वित्तीय लेनदेन करें।
किसी से पैसा प्राप्त करते समय अपनी यूपीआईआईडी व पासवर्ड न डालें। सोशल मीडिया पर अपरिचित लोगों के मित्रता अनुरोध को स्वीकार न करें। अनजान नंबर से वीडियो कॉल आए तो मोबाइल कैमरे को अपने चेहरे की तरफ न रखें। एटीएम बूथ पर किसी अनजान व्यक्ति की सहायता न लें।
शेयर ट्रेडिंग के लिए सबसे पहले डीमेट अकाउंट की जरूरत होती है। ठग नामी कंपनियों से मिलते-जुलते नाम की वेबसाइट बना लेते हैं। उसके बात खाते में रुपये जमा कर कर बाद में अकाउंट को ब्लाक कर देते हैं। ठगी से बचाव का मात्र एक उपाय है कि लोग जागरूक रहें।ठगी का शिकार होते ही 1930 पर शिकायत करते हुए स्थानीय थाने में भी शिकायत करें।-नीरज सिंह, साइबर थाना इंस्पेक्टर
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