बरेली: इस सत्र में पहली बार खुले स्कूल, बच्चों का हुआ स्वागत
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से करीब सात माह बाद शिक्षण कार्य के लिए स्कूलों को खोला गया है। जिसमें कक्षा नौ से 12वीं तक छात्र-छात्राओं को बुलाने की अनुमति है। साथ ही अभिभावक का अनुमति पत्र लाने वाले छात्रों को ही स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है। पहले दिन अधिकांश स्कूलों …
बरेली, अमृत विचार। कोरोना संक्रमण की वजह से करीब सात माह बाद शिक्षण कार्य के लिए स्कूलों को खोला गया है। जिसमें कक्षा नौ से 12वीं तक छात्र-छात्राओं को बुलाने की अनुमति है। साथ ही अभिभावक का अनुमति पत्र लाने वाले छात्रों को ही स्कूल में प्रवेश दिया जा रहा है। पहले दिन अधिकांश स्कूलों में बच्चे ही नहीं पहुंचे, राजकीय इंटर कॉलेज में दोनों पालियों में अध्यापक छात्रों का इंतजार करते रहे। लेकिन इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज में दोनों पालियों में 100 से अधिक बच्चे पढ़ाई के लिए पहुंचे। स्कूल में बच्चों का स्वागत भी किया गया।
स्कूल खुलने के पहले दिन सभी स्कूलों में कोरोना गाइड लाइन का पूरी तरह से पालन कराया गया। स्कूल में उन बच्चों को प्रवेश नहीं दिया गया। जिनके अभिभावकों ने अनुमति पत्र नहीं दिया था। कक्षाओं में भी बच्चों को सोशल डिस्टेंसिंग के साथ बैठाया गया था। स्कूल में प्रवेश से पहले सभी बच्चों की थर्मल स्क्रीनिंग की गई। साथ ही उनके हाथों को सैनेटाइज कराया जा रहा था। सभी को मास्क लगाना अनिवार्य था। पहली पाली सुबह 8:50 से शुरू होकर 11:50 बजे तक चली। इसमें कक्षा 9 से 12वीं तक के बच्चों को पढ़ाया गया। जबकि दूसरी पाली दोपहर 12:20 से शुरू होकर 3:20 बजे तक चली।
इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज में बच्चों का स्वागत
इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज में पहुंचने वाले बच्चों का उत्साह बढ़ाने और कोरोना का डर गायब करने के लिए उनका स्वागत किया गया। कक्षाओं को गुब्बारों से सजाया गया। स्कूल में स्वागत देख बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं था। छात्राओं ने बताया कि ऐसा लग नहीं रहा था कि वह स्कूल में आएं हैं। पढ़ने में भी उन्हें बहुत आनंद आया। ऑनलाइन कक्षाओं से कहीं ज्यादा पढ़ाई समझ में आई। वहीं, स्कूल की प्रधानाध्यापक चमन जहां ने बताया कि बच्चों का उत्साह बढ़ाने के लिए यह सब किया।
