बरेली: बिजली संकट...कटौती से नाराज उपभोक्ताओं ने फिर किया सुभाषनगर उपकेंद्र का घेराव
जो करोड़ों फूंके, उनका करंट कहां गया... अब जवाब नहीं दे पा रहे अफसर
बरेली, अमृत विचार। अधिकतम तापमान बृहस्पतिवार को 45 डिग्री तक पहुंच गया और इस बीच शहर में कई दिनों से बरकरार बिजली संकट जैसे का तैसा बना रहा। लगातार मुश्किलों का सामना कर रहे शहरवासियों के बीच अब यह सवाल भी उठने लगा है कि बिजली सुधार पर कुछ महीने पहले ही पावर कॉरपोरेशन जो करोड़ों का खर्च किया था, उसका नतीजा क्या निकला। अगर बिजली की लाइनें बदली गई थीं तो वे फुंक क्यों रही हैं और ट्रांसफार्मर ओवरलोडिंग से जवाब क्यों दे रहे हैं। फिलहाल बिजली अफसर इसका कोई जवाब नहीं दे पा रहे हैं।
शहर में फरवरी से अप्रैल तक नगर निकाय और आरडीएसएस योजना के तहत बिजली सुधार के बड़े पैमाने पर काम कराने का दावा किया गया था। इस दौरान लंबे-लंबे शटडाउन भी लिए गए थे। इससे पहले स्काडा योजना के तहत भी डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम को मजबूत करने के लिए बड़े पैमाने पर काम हुए थे। विभाग के मुताबिक नगर निकाय योजना के तहत सात और आरडीएसएस के तहत 15 करोड़ खर्च किए गए। हालांकि मुख्यालय से विभाग को जो बजट मिला, वह कई गुना ज्यादा था लेकिन विभाग ने गर्मी नजदीक होने के बावजूद उसका पूरा इस्तेमाल नहीं किया।
शहर के चारों डिविजनों में इन योजनाओं के तहत लाइनों की मरम्मत, खराब उपकरणों को बदलने, बंच केबल को ठीक करने, लाइनों को सही ऊंचाई पर रखने और उनकी गार्डिंग और ट्रांसफार्मरों की क्षमता बढ़ाने जैसे काम कराने का दावा किया गया था। लेकिन अब जिस तरह शहर में बिजली संकट छाया हुआ है, उससे सीधा सवाल खड़ा हो रहा है कि इन कामों का क्या फायदा हुआ। फरवरी और मार्च में चेयरमैन के निर्देश पर पावर कॉरपोरेशन में अनुरक्षण माह भी मनाया गया था। इसमें भी लाइनों और उपकरणों की मरम्मत की गई थी ताकि गर्मी शुरू होने के बाद सबकुछ नियंत्रण में रहे और बिजली सप्लाई में कोई दिक्कत पैदा न हो, लेकिन अब उन इलाकों में भी लगातार फाल्ट हो रहे हैं जहां ये सारे काम किए गए थे।
पूरी रात गुल रही बिजली तो फिर घेरा सुभाषनगर सबस्टेशन
जसौली में भी पूरी रात बिजली गुल, अशरफ खां छावनी में ट्रांसफार्मर फुंका
सुभाषनगर इलाके में करीब सप्ताह भर से चल रहा बिजली संकट कम होने का नाम नहीं ले रहा है। परसाखेड़ा से आने वाली 33 केवी की लाइन में फाल्ट होने से सुभाषनगर और मढ़ीनाथ सबस्टेशन से बिजली की सप्लाई फिर ठप हो गई। बुधवार रात कई कॉलोनियों में अंधेरा छाया रहा। इसके बाद बृहस्पतिवार को दोपहर तक बिजली नहीं आई तो नाराज लोग फिर सबस्टेशन का घेराव करने पहुंच गए। उधर, महानगर और पवन विहार में भी फाल्ट होने से बिजली गुल हो गई। अशरफ खां छावनी और बीबीएल स्कूल के पास लगे ट्रांसफार्मर फुंक गए। किला सबस्टेशन के जसोली समेत कई मोहल्लों में भी बुधवार रात बिजली संकट बना रहा।
सुभाषनगर में हर रोज फाल्ट होने से बिजली गुल हो रही है। इससे नाराज लोग बार-बार सबस्टेशन पर हंगामा कर रहे है। बुधवार रात बिजली न आने से नाराज लोगों ने सबस्टेशन पर तोड़फोड़ कर दी थी। इसके बाद भी फाल्ट ठीक न होने की वजह से पूरी रात कई कॉलोनियो में बिजली संकट बना रहा। परसाखेड़ा से आने वाली 33 केवी की लाइन में भी रात साढ़े तीन बजे फाल्ट हो गया। इससे सुभाषनगर के साथ मढ़ीनाथ सबस्टेशन की भी बिजली आपूर्ति ठप हो गई। सुबह 11 बजे फाल्ट ठीक कराकर आपूर्ति बहाल की गई।
सुभाषनगर सबस्टेशन की रामचंदपुरम कॉलोनी में ट्रांसफार्मर में फेस न होने पर वर्कशॉप से टीम बुलाकर ठीक कराया गया लेकिन लो वोल्टेज की समस्या बनी रही। इससे गुस्साए लोगों ने बृहस्पतिवार दोपहर फिर सबस्टेशन का घेराव किया। इसके बाद फाल्ट ठीक कराया गया। उधर, किला सबस्टेशन के जसौली,जखीरा, रेती कुंवरपुर में भी बुधवार देर रात तक बिजली गुल रही। अशरफ खां की छावनी में ट्रांसफार्मर फुंक जाने के बाद सुबह तक बिजली नहीं आई। इससे हार्टमन समेत कई और इलाके भी प्रभावित रहे।
बाकरगंज में बृहस्पतिवार दोपहर दो घंटे तक बिजली गुल रही। चिड़ीमार के कुंए पर तारों में आग लग जाने से बुधवार रात 3 से 4 बजे तक बिजली गुल रही। मिनी बाईपास के भास्कर अस्पताल के पास बुधवार रात 12 बजे ट्रांसफार्मर का फ्यूज जल गया जिसे दो घंटे बाद सही किया जा सका। कालीबाड़ी इलाके में मरम्मत के लिए बृहस्पतिवार दोपहर करीब एक घंटे शटडाउन लिया गया।
बीबीएल स्कूल के पास भी ओवरलोडिंग से आग लगने के बाद ट्रांसफार्मर फुंक गया। यहां तीन घंटे तक बिजली गुल रही। बुधवार रात 3 बजे पवन विहार की अंडरग्राउंड केबल में फाल्ट के बाद सुबह 6 बजे तक बिजली गुल रही। महानगर सबस्टेशन के बैडमिंटन पार्क में लगे 400 केवी के ट्रांसफार्मर की मरम्मत करने के लिए सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बिजली की सप्लाई बंद रखी गई।
सुभाषनगर के चक्कर में नप सकते हैं कई इंजीनियर
सुभाषनगर में एक सप्ताह से बिजली संकट बना हुआ है। लगभग हर दिन सबस्टेशन पर लोग हंगामा भी कर रहे हैं। इस बिजली संकट की शिकायतें पावर कॉरपोरेशन के मुख्यालय तक पहुंची हैं। इस पर पावर कॉरपोरेशन के चेयरमैन डॉ. आशीष गोयल ने नाराजगी जताई है। बताया जा रहा है कि इस मामले में लखनऊ की तरह कई इंजीनियरों पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। सुभाषनगर में बिजली संकट से निपटने में नाकाम रहे अधिकारियों पर जल्द कार्रवाई होने की बात कही जा रही है।
बुधवार देर रात 33 केवी की लाइन मेंफाल्ट हो गया था जिसे सुबह 11 बजे ठीक कराया गया। फेस न आने पर अनुपम नगर कॉलोनी के लोग शिकायत करने आए थे। बृहस्पतिवार दोपहर तक सभी फाल्ट अटेंड कराकर बिजली आपूर्ति बहाल करा दी गई - अभिषेक कपासिया, एसडीओ सुभाषनगर
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