बरेली: ‘गपशप’ करने का मौका मिला तो खिल उठा दोस्तों का चेहरा

Amrit Vichar Network
Edited By Amrit Vichar
On

रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना संक्रमण के बीच सात महीनों बाद जब स्कूलों को खोला गया, तो बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्कूल पहुंचे बच्चों ने बताया कि सोमवार को स्कूल आने की खुशी इतनी थी कि रविवार रात नींद भी नहीं आई। पूरी रात यही सोचने में निकल गई कि इस कोरोना की …

रजनेश सक्सेना, बरेली। कोरोना संक्रमण के बीच सात महीनों बाद जब स्कूलों को खोला गया, तो बच्चों की खुशी का ठिकाना नहीं रहा। स्कूल पहुंचे बच्चों ने बताया कि सोमवार को स्कूल आने की खुशी इतनी थी कि रविवार रात नींद भी नहीं आई। पूरी रात यही सोचने में निकल गई कि इस कोरोना की वजह से सात महीनों में स्कूल में क्या-क्या बदला होगा। जब दोस्तों से मिलेंगे तो क्या-क्या बातें होंगी।स्कूल में हम लोगों को मिलने दिया भी जाएगा या फिर नहीं। इसी असमंजस में पूरी रात बीत गई।

इस्लामियां गर्ल्स इंटर कॉलेज की छात्राओं ने बताया कि जब से कोरोना संक्रमण शुरू हुआ था तब से वह घरों में रही। बाहर निकलने का मौका ही नहीं मिला। जब सोमवार को सभी स्कूल पहुंची तो दोस्तों को देखकर खुशी का ठिकाना नहीं रहा। छुट्टी के बाद इस अवसर को कैद करना नहीं भूली। मोबाइल लिया और दोस्तों के साथ सेल्फी लेना शुरू कर दिया।

बच्चों की बात
आज पूरे सात महीनें बाद दोस्तों से मुलाकात हुई। बहुत सी बातें थी जो इन सबसे करनी थी। आज कितनी खुशी हो रही है बयां नहीं कर सकती और हां, जितनी पढ़ाई ऑनलाइन समझ में आती थी उससे कहीं ज्यादा आज समझ में आई। -गुलफरा, कक्षा 12

कोरोना संक्रमण के बाद अब दोस्तों से खुलकर बातें और पढ़ाई करने का मौका मिला है। कितनी खुशी है इस बात को जाहिर नहीं कर सकते। अब तो हर दिन पढ़ाई आसान होती जाएगी। -अलीशा, कक्षा 12

संबंधित समाचार