मुरादाबाद: कारोबारी रंजिश में मार्बल व्यापारी ने की थी ठेकेदार की हत्या

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मुरादाबाद,अमृत विचार। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र से अपहृत मार्बल ठेकेदार की हत्या के रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। मार्बल व्यापारी ने कारोबारी रंजिश के चलते अपने नौकर व चालक के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। ठेकेदार के कारण उसे व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। जिस कारण नए प्रोजेक्ट …

मुरादाबाद,अमृत विचार। सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र से अपहृत मार्बल ठेकेदार की हत्या के रहस्य से पुलिस ने पर्दा उठा दिया है। मार्बल व्यापारी ने कारोबारी रंजिश के चलते अपने नौकर व चालक के साथ मिलकर उसकी हत्या की थी। ठेकेदार के कारण उसे व्यापार में काफी नुकसान उठाना पड़ रहा था। जिस कारण नए प्रोजेक्ट पर चर्चा करने के बहाने उसे बुलाया और जमकर पीटा। शोर मचाने पर हाथ-पैर पकड़कर गला दबा दिया, जिससे ठेकेदार की मौत हो गई थी। बाद में तीनों लोग शव गढ़ क्षेत्र में फेंक आए थे। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है।

मूलत: राजस्थान के करौली जनपद निवासी लाखन सिंह मार्बल ठेकेदार थे। वह यहां पर सिविल लाइंस कोतवाली क्षेत्र के रामगंगा विहार में अपने भाई उदय सिंह के साथ किराए के मकान में रहते थे, 14 अक्टूबर की शाम वह अचानक गायब हो गए थे। देर शाम तक घर नहीं लौटे तो भाई को चिंता हुई। देर रात तक तलाश करने के बाद भी जब सुराग नहीं लगा तो भाई ने सिविल लाइंस कोतवाली में गुमशुदगी दर्ज करा दी थी।

रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस जांच में जुटी तो कांठ रोड स्थित एक मार्बल विक्रेता शक के दायरे में आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने अपना जुर्म भी कबूल लिया। रविवार को एसपी सिटी ने ठेकेदार की हत्या के मामले में मार्बल कारोबारी समेत तीन को गिरफ्तार करके घटना का खुलासा कर दिया।

कारोबार में नुकसान होने के कारण की हत्या
खुलासा करते हुए एसपी सिटी अमित आनंद ने बताया कि करीब ढाई साल पहले लाखन सिंह और कांठ रोड स्थित सिद्धबली स्टोन गैलरी के मालिक सुशील कुमार गोयल के साथ मिलकर कारोबार शुरू किया था, हालांकि पहले ही प्रोजेक्ट में रुपयों को लेकर लाखन सिंह का सुशील कुमार से विवाद हो गया था। इसके बाद उन्होंने अलग-अलग कारोबार करना शुरू कर दिया। इतना ही नहीं लाखन सिंह ने राजस्थान के उन व्यापारियों से भी सीधे संपर्क कर लिया, जिनके माध्यम से सुशील कुमार और उसका बेटा यशांक गोयल मार्बल मंगवाते थे। लाखन सिंह ने कम दामों में जिले में मार्बल की सप्लाई करनी शुरू कर दी। जिससे यशांक गोयल को नुकसान होने लगा। बकौल एसपी सिटी, इतना ही नहीं जिन स्थानों पर यशांक के यहां से मार्बल जा रहा था, वहां पर लाखन जाकर मार्बल को घटिया श्रेणी का बताने लगा। साथ ही कई को कम कीमत में अच्छा मार्बल देने का भी आफर कर दिया। कारोबार में होने वाले नुकसान के कारण यशांक गोयल ने उसकी हत्या करने की योजना बना ली।

नए प्रोजेक्ट पर बात करने के लिए बुलाया था आफिस
बकौल एसपी सिटी, 14 अक्टूबर को यशांक ने लाखन सिंह को फोन किया। कहा कि एक नया प्रोजेक्ट मिला है, इस पर बात करनी है, आफिस आ जाओ। लाखन सिंह आने को तैयार हुआ तो यशांक ने अपने नौकर भोजपुर के ग्राम तोडी तेरह बिस्सा निवासी मोहम्मद साजिद को बाइक से मिड टाउन होटल भेजा। साजिद वहां से लाखन को लेकर यशांक के कार्यालय आया। यहां पर यशांक के अलावा उसका कार चालक हापुड़ के थाना हापुड़ देहात के मोहल्ला जवाहरगंज निवासी शिवम उर्फ शिवा भी था। बातचीत के दौरान तीनों ने लाखन को पीटना शुरू कर दिया और उसके हाथ पैर बांध दिए। बचाव के लिए उसने शोर मचाया तो तीनों ने उसका गला दबा दिया। दम घुटने से उसकी मौत हो गई। बाद में तीनों उसका शव गढ़ क्षेत्र में फेंक आए। गढ़ पुलिस ने 15 अक्टूबर को शव बरामद कर लावारिस में पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था। उन्होंने बताया कि मुकदमा हत्या में दर्ज कर लिया गया है। तीनों आरोपियों का चालान कर दिया गया है।

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