प्रतापगढ़ : हीट स्ट्रोक से 24 घण्टे में ग्राम पंचायत सदस्य समेत 10 लोगों की मौत
नौतपा में सातवें दिन पारा 44 पर,उमस भरी गर्मी से बेहाल रहे लोग, विशेषकर दो दिन और बचकर रहने की जरूरत
प्रतापगढ़ अमृत विचार। नौतपा के सातवें दिन शुक्रवार को गर्मी एवं उमस से लोग बेहाल रहे। 24 घंटे के अंदर ग्राम पंचायत सदस्य समेत 10 लोगों मौत हो गई। आठ कुंडा क्षेत्र व रानीगंज क्षेत्र के दो लोग रहे। परिजनों के अनुसार इनकी मौतें हीट स्ट्रोक से हुईं। हालांकि किसी भी मृतक का पोस्टमार्टम न कराने से हीट स्ट्रोक से मौत की अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। सातवें दिन पारा 44 डिग्री सेंटीग्रेड पर रहा।
जनपद में नौतपा में दिन ही नहीं रात में भी गर्मी से लोग बेहाल हैं।शुक्रवार को सुबह आसमान में बादल रहे फिर भी उमस से राहत नहीं मिली। सुबह हल्की धूप निकली, लेकिन इसके बाद फिर बादल छा गए। कुंडा संवाददाता के अनुसार बीते 24 घंटे के अन्दर कुंडा तहसील क्षेत्र में महिला समेत आठ लोगों की मौत हो गई है। कुंडा के ताजपुर सरियांवा गांव की 80 वर्षीय बिटानी देवी पत्नी ननकू सरोज, करीमनगर चौसा निवासी 80 वर्षीय निर्मला देवी पत्नी प्रेमचंद, कोलाहल का पुरवा निवासी 75 वर्षीय शांति देवी पत्नी राम अवध यादव, भदरी के जानकी सिंह का पुरवा निवासी 45 वर्षीय शिव प्रताप सिंह, कबरियागंज निवासी 45 वर्षीय सुधा सिंह पत्नी धर्मराज सिंह, मानिकपुर पूरे धनऊ चढ़ईया पार निवासी 75 वर्षीय राम भारत, गोतनी निवासी 65 वर्षीय मो. हनीफ की 24 घंटे के भीतर मौत हो गई।
कुंडा सीएचसी के इमरजेंसी के चिकित्सक डा.आनंद सिंह के अनुसार सभी को शरीर में जलन के साथ ही सांस फूलने में दिक्कत होने जैसी समस्या सामने आइ थी। कुछ लोगों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें प्रयागराज रेफर कर दिया गया तो उनकी रास्ते में मौत हो गई, जबकि कुछ लोगों का इलाज के दौरान मौत हुई है। सभी लोग बगैर पुलिस को सूचना दिए शव लेकर अपने-अपने घर चले गए। नवाबगंज के हुसैनपुर अंधरीपुर गांव के रहने वाले 50 वर्षीय बसंत लाल सोनी राजस्थान में वाच मैन थे। 10 दिन पूर्व यह अपने घर आए थे। दो दिन पहले यह अपनी पत्नी गुड्डी देवी और रिश्तेदारों के साथ झंडा चढ़ाने पैदल बहराइच जा रहे थे। गुरुवार को रास्ते में उनको प्यास लगी तब उसने खरबूजा खाकर पानी पीया। अचानक पेट में दर्द होने लगा और वहीं तड़पने लगे। देखते ही देखते बसंत लाल की सांसे थम गई। घर वाले स्थानीय चिकित्सालय ले गए, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
उसका शव शुक्रवार को घर लाया गया और घर के पास ही उसे दफन कर दिया गया। रानीगंज प्रतिनिधि के अनुसार नरायनपुर कला गांव में 50 वर्षीय दीनानाथ पटेल गुरुवार को दोपहर में खेत में किसी काम से गया था। वहां से वापस घर पहुंचा तो अचानक अचेत हो गया। परिजन इलाज के लिए निजी अस्पताल ले गए। इस दौरान उसकी मौत हो गई। डाक्टर ने बताया कि उन्हें हीटवेब की शिकायत हो गई थी। परिजनों ने शुक्रवार को प्रयागराज में शव का अंतिम संस्कार कर दिया। आसपुर देवसरा के अमापुर बाजार की 50 वर्षीय कनकलता पत्नी स्व.भारत भूषण शुक्रवार की दोपहर खेत की तरफ गई थी,इस दौरान अचानक गश खाकर जमीन पर गिर पड़ी।
आस - पास के लोग राजा प्रताप बहादुर अस्पताल ले गए, जहां पर इलाज के दौरान कनकलता की सांसे थम गईं। महिला की मौत से परिजन बिलखने लगे। अमापुर ग्राम प्रधान राम प्यारे वर्मा ने बताया कि कनकलता ग्राम पंचायत सदस्य थी। चक्कर आने के कारण बेहोश हो गई थी। इलाज के दौरान अस्पताल में मौत हो गई। बिना पोस्टमार्टम के इन सभी की मौत के बारे में हीट स्ट्रोक से मरने की अधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी। सनई अनुसंधान केंद्र के मौसम विज्ञान प्रेक्षक देश राज मीना ने बताया कि गुरुवार को अधिकतम तापमान 45.5 व न्यूनतम 32 डिग्री सेल्सियस रहा।शुक्रवार काे अधिकतम तापमान 44 व न्यूनतम 31.3 डिग्री सेल्सियस रहा। पुरवा हवाएं चल रहीं थीं।
नाई की दुकान पर बैठा अधेड़ अचेत
संडीला बाजार में सैलून की दुकान पर शुक्रवार को सुबह साढ़े आठ बजे बाल कटवाने आया कसिहा निवासी 55 वर्षीय कमरुद्दीन गर्मी एवं उमस के कारण गश खाकर गिर पड़ा। इससे नाई के दुकान पर अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पानी का छींटा मारा और हाथ की बनी पंखी से हवा दी तो वह होश में आए। फिर परिजन पहुंचे और इलाज के लिए रानीगंज ले गए।
जिला आपदा विशेषज्ञ अनुपम शेखर तिवारी ने बताया कि भीषण गर्मी से बचाव के लिए सतर्कता जरूरी है। हीट वेब (लू) के खतरे से बचने के लिए ज्यादा से ज्यादा पानी पीयें। बीना प्यास के भी पानी पीयें। हल्के रंग के पसीना शोषित करने वाले वस्त्र पहनें। धूप के चश्मे, छाता, टोपी आदि का प्रयोग करें। अगर आप खुले में कार्य करते हैं तो सिर, चेहरा,हांथ और पैरों को गीले कपड़े से ढक कर रखें। लू से प्रभावित व्यक्ति को छाया में लिटाकर सूती गीले कपड़े से पोंछें अथवा नहलाएं और तुरंत कुशल चिकित्सक से संपर्क करें।
