Kanpur: नींद न पूरी होने से बिगड़ रही लोगों की तबियत, सिरोटोनीन हार्मोंस गड़बड़ाने से मरीजों में दिख रहे ये लक्षण...
कानपुर, अमृत विचार। बेहतर स्वास्थ्य के लिए पौष्टिक आहार और नियमित व्यायाम के साथ अच्छी नींद लेना भी बहुत जरूरी है। लेकिन वर्तमान समय में बिजली संकट के कारण लोगों की रातों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। नींद न पूरी होने से दिमाग में सिरोटोनीन हार्मोंस गड़बड़ाने की वजह से लोगों में चिड़चिड़ापन, घबराहट, गुस्सा आदि समस्या हो रही है।
ट्रांसफार्मरों पर अधिक लोड बढ़ने से बिजली गुल हो रही है। जबकि ट्रिपिंग की समस्या से भी लोग काफी परेशान हैं। रात को बिजली संकट होने की लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है, जिस वजह से उनको अगले दिन नौकरी पर जाने में काफी परेशानी हो रही है। तनाव, चिंता, चिड़चिड़ापन, घबराहट जैसी समस्याएं लोगों में बढ़ रही हैं।
लोगों में पूरे दिन ऊर्जा के स्तर में भी कमी बनी रहती है। नींद न पूरी होने से दिमाग में सिरोटोनीन नामक हार्मोंस गड़बड़ा रहा है। हैलट और उर्सला अस्पताल के मेडिसिन व मानसिक रोग विभाग की ओपीडी में प्रतिदिन ऐसे 25 से 30 मरीज इलाज के लिए पहुंच रहे हैं, जिनको डॉक्टर किसी प्रकार कम से कम सात से आठ घंटे की नींद लेने की सलाह दे रहे हैं।
नींद और दिमाग के बीच गहरा रिश्ता
मेडिकल कॉलेज में मेडिसिन विभाग के प्रो. जेएस कुशवाहा ने बताया कि नींद और दिमाग के बीच एक गहरा रिश्ता है। अगर हम कम सोते हैं तो हमें कई चीजों को समझने में दिक्कत आती है। याद रखने में भी परेशानी होती है। भीषण गर्मी की वजह से नींद न पूरे होने से सिरोटोनीन हार्मोंस भी गड़बड़ा रहा है।
उर्सला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ.चिरंजीव प्रसाद ने बताया कि बिजली न आने पर लोग देर रात तक मोबाइल और लैपटॉप पर समय बिता रहे हैं। इससे भी लोगों को अनिद्रा की समस्या हो रही है। इससे आंखों में सूजन और त्वचा में रूखापन भी हो सकता है।
