प्रयागराज : राधास्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर रद्द
अमृत विचार, प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने राधास्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध दर्ज प्राथमिकी को रद्द करते हुए तहसीलदार, आगरा द्वारा पारित ध्वस्तीकरण आदेशों को प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों का उल्लंघन मानकर रद्द कर दिया है। उक्त आदेश न्यायमूर्ति सिद्धार्थ और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने अनूप श्रीवास्तव और 10 अन्य की याचिका पर सुनवाई के दौरान पारित किया।
याचियों ने भूमि पर अवैध कब्जे का आरोप लगाते हुए ध्वस्तीकरण अभियान से पहले सभा के सदस्यों के विरुद्ध दर्ज की गई एफआईआर को चुनौती दी थी और याचियों ने कोर्ट को बताया कि विपक्षी अधिकारियों ने यह तथ्य छिपाया था कि विवादित संपत्ति पर मालिकाना हक को लेकर कुछ याचिकाएं हाईकोर्ट में पहले ही लंबित हैं और कुछ याचिकाओं में यथास्थिति का आदेश पहले ही पारित किया जा चुका है।
याचिका में यह भी तर्क दिया गया कि राधास्वामी सत्संग सभा अपने अधिकारों के लिए गंभीर है और जिला प्रशासन तथा राजस्व अधिकारियों ने सभा और उसके पदाधिकारियों पर केवल दबाव बनाने के लिए झूठी आपराधिक कार्यवाही शुरू की, साथ ही अधिकारियों द्वारा अवैध तोड़फोड़ के खिलाफ सभा द्वारा की गई कार्यवाही का बदला लेने के लिए सभा के पदाधिकारियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करवाई गई।
अंत में कोर्ट ने राधास्वामी सत्संग सभा के पदाधिकारियों के खिलाफ आईपीसी की विभिन्न धाराओं, आपराधिक कानून (संशोधन) कानून, 1932 की धारा 7 और पशु क्रूरता निवारण अधिनियम, 1960 की धारा 11 के तहत पुलिस स्टेशन न्यू आगरा, आगरा में दर्ज प्राथमिकी को रद्द कर दिया।
