मुरादाबाद : बिक रहा ऑनलाइन आवेदन का डाटा, ठगे जा रहे बेरोजगार
नौकरी की चाह में साइन डॉट कॉम या नौकरी डॉट कॉम पर ऑनलाइन आवेदन का विवरण असुरक्षित
मुरादाबाद, अमृत विचार। जॉब पाने की टेंशन में परेशान बेरोजगारों को साइबर ठग भी चूना लगा रहे हैं। नौकरी की चाह में ऑनलाइन आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को क्या पता कि उनके आवेदन का डाटा कहां और कौन प्रयोग कर रहा है। ऐसे में उन्हें नौकरी तो मिलने की संभावना बहुत ही कम है लेकिन, उनके आर्थिक रूप से ठगे जाने की संभावना प्रबल होती है।
जी हां, ऐसा ही कुछ मामला मुरादाबाद पुलिस ने सोमवार को खोला है, जो हैरत में डालने वाला है। नगर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ऊषा मलिक ने बताया कि गिरफ्तार किए गए नौ अभियुक्तों में कौशेंद्र और टिंकू निर्धन लोगों को कुछ रुपये का लालच देकर उनके उनका आधार कार्ड संशोधित कराते थे, उसमें निवास का पता अपना डलवाते थे। यही नहीं, फिर उनके नाम पर बैंक में खाता खुलवाते थे और बैंक खाता में मोबाइल नंबर अपना डलवाते थे। इस कारण बैंक खाते से संबंधित किट सीधे उन्हीं को मिलती थी।
कौशेंद्र व टिंकू बैंक खाता बेचते भी रहे हैं। ये लोग गिरफ्तार अभियुक्त अमित को बेचते थे। इसके बदले कौशेंद्र व टिंकू को प्रत्येक खाते पर 10,000 रुपये मिलता था और फिर अमित उसे अन्य लोगों को दोगुनी रकम पर बेचता था। ऐसे ही इनके बीच खाता बिकने का क्रम चलता है और रुपये कमाते थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि अभियुक्त अमित बेरोजगार अभ्यर्थियों को नौकरी का झांसा देकर ठगने का काम करता था।
उन्होंने बताया कि गैंग के गिरफ्तार हुए लोग बेरोजगार अभ्यर्थियों के आवेदन का डाटा साइन डॉट कॉम और नौकरी डॉट कॉम से प्राप्त करते थे। जाहिर है कि वह लोग इनसे ऑनलाइन आवेदनों का डाटा खरीदते होंगे। ऐसे ही इनके पास से कई अभ्यर्थियों के आवेदन भी प्राप्त हुए हैं। ऐसे में स्पष्ट है कि अब नौकरी की चाह में साइन डॉट कॉम और नौकरी डॉट कॉम पर ऑनलाइन किए गए आवेदन का विवरण सुरक्षित रहेगा, इस विषय पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्तों ने पूछताछ में बताया है कि ऑनलाइन आवेदन का विवरण प्राप्त करने के बाद वह लोग बेरोजगारों को फोन कर उनसे संपर्क करते थे। जॉब के लिए बैकेंसी होना और बताते थे और विभिन्न तरह से गलत दस्तावेजों के आधार पर खुलवाए गए बैंक खातों में रुपये ट्रांसफर कराते थे। प्रभारी निरीक्षक ने बताया कि साइबर क्राइम करने वालों की कहीं कोई निश्चित लोकेशन नहीं होती है। ये लोग लैपटॉप लेकर कहीं से भी साइबर क्राइम शुरू कर देते हैं।
ये भी पढ़ें : मुरादाबाद : फर्जी कॉल सेंटर चलाकर बेरोजगारों को ठगने वाले 9 गिरफ्तार, एसएसपी ने किया खुलासा
