बरेली: किसानों ने घेरा कलेक्ट्रेट, एसडीएम व कोतवाल के निलंबन की मांग

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बरेली, अमृत विचार। उप जिलाधिकारी कार्यालय (फरीदपुर) में किसानों पर लाठियां भांजने और कई किसानों को हिरासत में लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया। हंगामा बढ़ने पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्ट्रेट गेट बंद कर दिया। किसानों को …

बरेली, अमृत विचार। उप जिलाधिकारी कार्यालय (फरीदपुर) में किसानों पर लाठियां भांजने और कई किसानों को हिरासत में लेने के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मंगलवार दोपहर भारतीय किसान यूनियन (राष्ट्रीयतावादी) के पदाधिकारियों ने किसानों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया। हंगामा बढ़ने पर तैनात सुरक्षाकर्मियों ने कलेक्ट्रेट गेट बंद कर दिया। किसानों को कलेक्ट्रेट में घुसने से रोकने के लिए बेरिकेड लगा दिए गए। इससे किसान उग्र हो गए और धरना शुरू कर दिया।

किसानों ने एसडीएम फरीदपुर और कोतवाल को निलंबित करने की मांग उठाते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे। किसानों ने कहा कि सोमवार को धरना दे रहे किसानों को जबरन उठाने के लिए पुलिस से लाठीचार्ज करवाया गया। महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया। किसानों ने काफी देर तक कलेक्ट्रेट पर हंगामा करने के बाद हिरासत में लिए किसानों को छोड़ने और लाठीचार्ज करवाने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।

सूचना पर नगर मजिस्ट्रेट मदन कुमार मौके पर पहुंचे। किसानों ने उन्हें ज्ञापन सौंपा। यूनियन के पदाधिकारियों ने कहा कि लाठीचार्ज कराने वाले अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई नहीं की गई तो यूनियन के कार्यकर्ता और पदाधिकारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने को मजबूर होंगे। यह भी कहा कि धरने के दौरान यदि किसी भी किसान को हानि पहुंचती है तो इसकी संपूर्ण जिम्मेदारी प्रशासन की होगी।

प्रदर्शन करने वालों में जिलाध्यक्ष अशर्फी लाल कन्नौजिया, रावेंद्र सिंह चौहान, विष्णु कुमार, रमाकांत अर्कवंशी, सुशील अवस्थी, विक्रम सिंह, दिनेश कुमार, पूजा पटेल, द्रोपदी देवी, शशिबाला पटेल, गंगादेवी, सोमवती, नत्थो देवी, विनोद पटेल, प्रवेश कुमार आदि शामिल थे।

ये है पूरा मामला
सोमवार को भारतीय किसान यूनियन के कार्यकर्ता उप जिलाधिकारी कार्यालय फरीदपुर में भोजपुर पट्टी कटरा मार्ग के विवाद को लेकर धरना दे रहे थे। इस दौरान उन्हें धरने से उठाने की कोशिश हुई। इस दौरान किसी ने एसडीएम के विरुद्ध अपशब्द कह दिए। इससे मामला बिगड़ गया। पुलिस पर आरोप है कि लाठी भांजते हुए कार्यकर्ताओं को पीटा गया। कुछ किसानों को हिरासत में ले लिया गया। पुलिस पर सामान छीनने का भी आरोप लगाया गया है।

डीएम से मिले किसान, कार्रवाई का आश्वासन
कलेक्ट्रेट पर हंगामा और प्रदर्शन करने वाले किसानों से मिलने जब कोई अफसर नहीं पहुंचा तो उन्होंने जिलाधिकारी नितीश कुमार को फोन कर दिया। शाम को किसानों की कैंप कार्यालय पर डीएम से मुलाकात हुई। डीएम ने किसानों की बात सुनकर उन्हें कार्रवाई का आश्वासन दिया है।

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