सीतापुर: विधायकों के दावे हुए फेल, जनता ने भाजपा के साथ कर दिया खेल

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Edited By Amrit Vichar
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विधायकों की चार विधानसभा में भाजपा की शिकस्त, सेउता में मिली थी बढ़त

सीतापुर, अमृत विचार। लोकसभा चुनाव की मतगणना सम्पन्न होने के बाद जहां भाजपा खेमे में मायूसी छाई रही। वहीं कांग्रेस खेमे में ख़ुशी का माहौल नजर आया। लोकसभा सीतापुर की 5 विधानसभाओं में भाजपा के 4 विधायक और नगर विकास राज्यमंत्री मिलकर भी भाजपा सांसद की हैट्रिक को पार नहीं करवा पाये। लाखों वोटों से जीत का दावा करने वाले 3 भाजपा विधायक और नगर विकास राज्यमंत्री अपनी ही विधानसभा से भाजपा को जीत दिलाने में नाकाम रहे। महज एक भाजपा विधायक ही भाजपा को अपनी सीट से विजय दिलाने में कामयाब रहे।

9 विधानसभाओं और चार लोकसभा क्षेत्रों का नेतृत्व करने वाले सीतापुर जिले में योगी सरकार में दो राज्य मंत्री सहित 7 भाजपा विधायकों का कब्ज़ा है। लोकसभा चुनाव में सेउता,बिसवां,महमूदाबाद,लहरपुर और सदर सीट से भाजपा विधायक व नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु सहित अन्य विधायकों ने मंच से निवर्तमान भाजपा सांसद राजेश वर्मा को 4 लाख मतों से जीताकर दिल्ली भेजने का दावा खोखला साबित हुआ ही।

बावजूद इसके सेउता विधानसभा को छोड़कर भाजपा विधायक और मंत्री विधानसभा सीट पर भी कमल की रफ़्तार देने में नाकाम रहे। सूचना विभाग द्वारा जारी किये गए विधानसभावार आकड़ों की बात करें तो 5 विधानसभाओं ने भाजपा सिर्फ सेउता विधानसभा में 13825 मत पाकर कमल खिलाने में कामयाब रही थी। इसके अलावा नगर विकास राज्यमंत्री राकेश राठौर गुरु की सदर सीट,विधायक आशा मौर्या की महमूदाबाद सीट, विधायक निर्मल वर्मा की बिसवां सीट और लहरपुर सीट पर पूर्व विधायक रहे सुनील वर्मा की सीट पर भाजपा को करारी शिकस्त मिली।

कार्यकर्ताओं की उपेक्षा ने दिलाई शिकस्त!

दो बार से भाजपा के टिकट पर सांसद बने राजेश वर्मा तीसरी बार हैट्रिक लगाने की रेस में क्लीन बोल्ड हो गये। राजनीतिक जानकारों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि लोकसभा चुनाव को इस बार पीएम मोदी के चेहरे पर लड़ा गया। पुराने कार्यकर्ताओं की अनदेखी और बूथ लेवल पर धीमी गति से काम होना चुनाव हारने का प्रमुख कारण बना है। जानकार बताते है कि चुनाव सिर्फ बैठकों और सम्मेलन के बीच ही सिमट गया। जमीन पर जनता दरवाजे पर इंतजार करती रही और विपक्षी खेमे ने इस इन्तजार का फायदा उठा लिया।

बिना वीआईपी प्रोग्राम बने राकेश बने सिकंदर 

राजनीती ने मझे खिलाडी और बेबाक बात से अपनी बात रखने वाले नवनिर्वाचित सांसद राकेश राठौर ने भाजपा में विधायक रहते ही भाजपा की नीतियों के खिलाफ आवाज बुलंद कर प्रदेश में अपनी पहचान बना ली थी। जनता से सीधा जुड़ाव और बिना किसी वीआईपी जनसभा के राकेश राठौर ने जनता के आश्रीवाद से जीत के सिकंदर बने है।भाजपा जहां अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए प्रधानमंत्री से लेकर,विधानसभा वार सीएम योगी,ग्रहमंत्री अमित शाह और डिप्टी सीएम के वीआईपी जनसभा कर जनता को अपनी ओर रिझाने का प्रयास कर रही थी। वहीं कांग्रेस प्रत्याशी के समर्थन ने एक भी वीआईपी जनसभा जिले में नहीं लगी और वह जनता से सीधा संवाद कर अपने पक्ष में समर्थन की मांग कर बदलाव की बयार चलाकर सफल हुए। 

विधानसभा                     भाजपा को मिले मत               कांग्रेस को मिले मत 
सीतापुर                           92923                                109249 
लहरपुर                           86813                                111261 
बिसवां                             77562                                120093 
सेउता                              99662                                85837 
महमूदाबाद                      84106                                104027

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