Kanpur: फर्जी भर्ती घोटाले में सात पर गिर सकती है गाज, शिक्षा विभाग की जांच में बरती थी लापरवाही, नहीं किया सत्यापन
कानपुर, अमृत विचार। फर्जी शिक्षक भर्ती घोटाले में सात अधिकारी और कर्मचारियों पर गाज गिर सकती है। इन पर कार्य में लापरवाही और प्रकरण में सत्यापन न कराए जाने पर कार्रवाई हो सकती है। इस मामले में जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय के दो कर्मचारियों को पहले ही निलंबित किया जा चुका है। इसके अलावा पुलिस पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।
फर्जी ई-मेल के जरिए शिक्षकों का पैनल भेजकर दो शिक्षिकाओं की भर्ती कराए जाने के मामले में शिक्षा विभाग की जांच में लापरवाही के मामले में सात अधिकारियों और कर्मचारियों को दोषी पाया गया था। इनमें एक संविदा कर्मचारी के साथ दो अधिकारी भी शामिल हैं। पूरे मामले की रिपोर्ट निदेशालय को भेजी गई थी।
माना जा रहा है कि आचार संहिता खत्म होने के कारण अब इन सात लोगों पर जल्द ही विभाग कार्रवाई कर सकता है। जिला विद्यालय निरीक्षक अरुण कुमार ने बताया कि यह विभागीय जांच प्रक्रिया है। जांच में जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ कार्रवाई होगी।
पुलिस की नजर में 12 संदिग्ध
इस प्रकरण में कानपुर, मिर्जापुर व प्रयागराज में पुलिस की ओर से 12 संदिग्ध और बताए जा रहे हैं। माना जा रहा है कि इस मामले में जुटी पुलिस की जांच टीम जल्द ही इन संदिग्धों को पूछताछ के लिए बुला सकती है।
एक और संदिग्ध को उठाया
फर्जी भर्ती प्रकरण पर कर्नलगंज पुलिस ने एक और संदिग्ध को उठाया। पुलिस की ओर से पूछताछ के बाद संदिग्ध को छोड़ दिया गया। पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि संदिग्ध से पूछताछ के दौरान कई महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं।
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