कैसे करायें इलाज...यहां तो इमरजेंसी में ही नहीं ढूंढे मिलते चिकित्सक
जनरेटर होते हुए सीएचसी पर अंधेरा, डीजल बचाने के लिए केवल इनवर्टर का इस्तेमाल
काशीनाथ दीक्षित, बाराबंकी। आमजन को निशुल्क व बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के शासन व प्रशासन के दावे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र मथुरा नगर पर आते ही खोखले नजर आते हैं। सीएचसी मथुरा नगर की इमरजेंसी में इलाज कराना हो तो चिकित्सक को ढूंढना पड़ता है। इमरजेंसी ड्यूटी छोड़कर चिकित्सक कमरे में आराम फरमाते हैं। जिसकी वजह से इमरजेंसी केस आने पर मरीज को इलाज के लिये घंटों इंतजार करना पड़ता है। जिसकी वजह से मरीज का भरोसा सरकारी अस्पतालों से उठता चला जा रहा है। यहां की स्वास्थ्य सेवाएं राम भरोसे हैं।
शुक्रवार की शाम करीब आठ बजे अमृत विचार के संवाददाता सीएचसी की स्वास्थ्य सेवाओं की पड़ताल करने पहुंचा तो स्वास्थ्य केंद्र अंधेरे में डूबा हुआ था। संवाददाता के कारण पूछने के बाद इनवर्टर से बिजली दी गई। इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक शकील मौके पर मौजूद नहीं मिले। फार्मासिस्ट अपूर्वा चतुर्वेदी ने बताया कि इमरजेंसी में तैनात चिकित्सक कमरे पर हैं।
शनिवार सुबह दस बजे का आलम यह था कि सीएचसी की इमरजेंसी में चिकित्सक मौजूद नहीं मिले। दांत दर्द से परेशान एक महिला मरीज दंत चिकित्सक का इंतजार करती दिखाई पड़ी। संवाददाता ने आगे बढ़कर देखा तो दंत चिकित्सक ही नहीं स्वास्थ्य शिक्षा अधिकारी व सीएचसी अधीक्षक की कुर्सी खाली पड़ी थी। एक्सरे कक्ष में ताला लटक रहा था। वहीं मरीज का इलाज चिकित्सक सलमान मलिक करते हुए दिखाई दिए। महिलाओं का इलाज भी सुचारू रूप से चल रहा था। महिला चिकित्सा समिधा पान्डेय अपने कक्ष में महिला मरीजों को देखते हुए मिलीं।
सीएचसी परिसर में गंदगी की भरमार
सीएचसी परिसर के मुख्य द्वार पर तो अच्छी तरह से साफ सफाई दिख रही थी, लेकिन स्वास्थ्य केंद्र के परिसर में गंदगी की भरमार थी। स्वास्थ्य केंद्र परिसर में झाड़ियां का अंबार लगा है। बाथरूम के अंदर और बाहर गंदगी फैली हुई दिखी।
पर्ची पर बाहर से लिखी जाती हैं दवाएं
चिकित्सकों द्वारा मरीज को पर्ची पर बाहर से दवा लिखी जाती हैं। सीएचसी के बाहर करीब आधा दर्जन से अधिक मेडिकल स्टोर चल रहे हैं। चिकित्सकों को उन मेडिकल स्टोर से साठ गांठ होने की वजह से दवाइयां पर अच्छा कमीशन मिलता है। लेकिन मरीजों की जेब पर इसका अतिरिक्त भार पड़ता है।
फार्मासिस्ट अपूर्वा चतुर्वेदी ने बताया कि अस्पताल की मेडिसिन लिस्ट में दो चार दवाओं को छोड़कर सभी दवाएं मौजूद हैं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डा. अवधेश कुमार यादव ने बताया कि सीएचसी की कमियों को लेकर आपके द्वारा मामला संज्ञान में लाया गया है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। जो भी कमियां हैं उन्हें दुरुस्त किया जाएगा।
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