FATF से पाकिस्तान को मिलेगा बड़ा झटका, ग्रे लिस्ट में ही रहेगा बरकरार
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने की संभावना फिलहाल नहीं है क्योंकि यह ग्लोबल वॉचडॉग एक्शन प्लान के अनुपालन में 27 में से छह बिंदुओं का पालन करने में नाकाम रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई। द एक्सप्रेस …
इस्लामाबाद। पाकिस्तान के फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स (एफएटीएफ) की ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने की संभावना फिलहाल नहीं है क्योंकि यह ग्लोबल वॉचडॉग एक्शन प्लान के अनुपालन में 27 में से छह बिंदुओं का पालन करने में नाकाम रहा है। एक मीडिया रिपोर्ट में राजनयिक सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी गई।
द एक्सप्रेस ट्रिब्यून की रिपोर्ट में मंगलवार को सूत्रों के हवाले से लिखा गया है कि पाकिस्तान अगले साल जून तक ग्रे लिस्ट से बाहर निकलने में सफल होगा। यह रिपोर्ट ग्रुप के वर्चुअल प्लेनरी सेशन से एक दिन पहले आई है, जो 27 पॉइंट एक्शन प्लान पर पाकिस्तान की प्रगति रिपोर्ट की समीक्षा करेगी। सत्र का समापन शुक्रवार को होगा।
मनी लॉन्ड्रिंग और आतंक वित्तपोषण के खिलाफ पर्याप्त कदम उठाने में विफल रहने के लिए पाकिस्तान को जून 2018 में ग्रे लिस्ट में डाल दिया गया था। इसके बाद एक चेतावनी के साथ 27-सूत्रीय कार्य योजना दी गई और अगर पाकिस्तान इसका अनुपालन करने में विफल रहता है तो उसे ब्लैक लिस्ट में डाला जा सकता है।
कोरोना वायरस महामारी के कारण पाकिस्तान को अपनी 27 सूत्रीय कार्ययोजना को पूरा करने के लिए तीन महीने का और समय मिल गया है। इस साल की समय सीमा जून थी लेकिन एफएटीएफ ने अपनी प्लेनरी सेशन के स्थगन के कारण इसे बढ़ा दिया था।
