बरेली: अब स्मार्ट सिटी की खिल्ली उड़ाएंगे... और क्या करें, अफसरों-नेताओं पर कई बार शिकायतों के बाद भी न सुनने का आरोप
कीचड़ से अटे नर्सरी रोड पर दिक्कतें झेल रहे लोगों ने स्मार्ट सिटी के खिलाफ चिपकाए पोस्टर
बरेली, अमृत विचार। अफसर सुन नहीं रहे और ज्यादातर जनप्रतिनिधियों ने भी जवाबदेही से बचने के लिए हवाई दावों के साथ दिखावे का रास्ता पकड़ लिया है, लिहाजा शहर के लोगों ने भी शिकायतें करने के बजाय सिस्टम की पोल खोलने के दूसरा रास्ता अख्तियार करना शुरू कर दिया है। वार्ड 55 में कीचड़ से अटी टूटी-फूटी नर्सरी रोड की वजह से दिक्कत झेल रहे लोगों ने स्मार्ट सिटी पर तंज कसते हुए पोस्टर चस्पा कर दिए हैं।
कागजों में करोड़ों का बजट जारी हो चुका है लेकिन ज्यादातर इलाकों में दुर्दशाग्रस्त सड़कों की हालत सुधर नहीं पा रही है। नगर निगम के निर्माण विभाग की कार्यशैली पर पहले से सवाल खड़े हो रहे हैं। अब शिकायतें भी गंभीरता से न सुने जाने के कारण लोगों का विश्वास ही उठने लगा है। वार्ड 55 में नर्सरी रोड पर चस्पा किए गए पोस्टर इसकी गवाही दे रहे हैं। इस इलाके के लोगों के मुताबिक वे चोक नाली, टूटी सड़क और अतिक्रमण की कई बार शिकायत नगर निगम के अफसरों से कर चुके है लेकिन कोई समस्या देखने को तैयार नहीं है।
इस इलाके में करीब 20 हजार की आबादी है और उसके लिए नर्सरी रोड ही मुख्य मार्ग है। इसी सड़क से लोग मिनी बाईपास और सिद्धार्थनगर आते-जाते है। यहां रहने वाले वीरेंद्र मिश्र और परम गंगवार ने बताया कि लोग काफी दिक्कत झेल रहे हैं। राजू और रजनीश ने बताया कि गोबर की वजह से नाली चोक हो गई है। बदबू के कारण लाेग घर के बाहर भी नहीं खड़ा होना चाहते। अफसरों ने फिर भी स्मार्ट सिटी का मेडल लगा रखा है।
कई इलाकों में नाला चोक होने से भरा पानी
जलभराव भी शहर की सड़कों के टूटने का कारण है लेकिन नगर निगम बेपरवाह बना हुआ है। शनिवार को साहू गोपीनाथ, राजेंद्रनगर, हजियापुर समेत कई जगहों पर जलभराव से लोग परेशान दिखे। हजियापुर में खजूर वाली मस्जिद के पास लोगों ने बताया किनाले की सफाई नहीं हुई है। इसकी शिकायत नगर निगम अधिकारियों के साथ पोर्टल पर भी की है, लेकिन अभी तक कुछ नहीं हो सका है।
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