पीलीभीत: PTR देश के सर्वश्रेष्ठ टाइगर रिजर्वों में शुमार होने की ओर अग्रसर, 10 साल पूरे...बाघों का संरक्षण, आय भी बढ़ी
पीलीभीत, अमृत विचार। पीटीआर के कार्यवाहक फील्ड डायरेक्टर एवं सीसीएफ बरेली जोन विजय सिंह ने कहा कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व नौ जून को अपनी स्थापना का एक दशक पूरे करने जा रहा है। टाइगर रिजर्व घोषित होने के बाद जिस तरह से वन एवं वन्यजीव प्रबंधन किया गया, आज उसी का परिणाम है कि पीलीभीत टाइगर रिजर्व देश के श्रेष्ठ टाइगर रिजर्वों में शुमार होने की ओर अग्रसर है। वह पीलीभीत टाइगर रिजर्व के स्थापना दिवस को लेकर वन एवं वन्यजीव प्रभाग सभागार में हुई प्रेस कांफ्रेंस को संबोधित कर रहे थे।
उन्होंने पीलीभीत के जंगल के इतिहास की जानकारी देते हुए बताया कि सन 1771 में रोहिल्लाओं के साथ युत्र के बाद पीलीभीत के जंगलों को अवध साम्राज्य के अधीन ले लिया गया। पहली बार वर्ष 1871 में बरेली वन प्रभाग बनाया गया। इसके बाद भारतीय अधिनियम के प्रावधानों के अंतर्गत आरक्षित वन के रूप में अधिसूचित कर दिया गया। बाद में पीलीभीत जिले का गठन होने के बाद प्रभाग का नाम और मुख्यालय पीलीभीत में स्थानांतरित कर दिया गया। इसके बाद ही वन सीमाओं को चिन्हित कर पीलीभीत फ्रेंच रोड प्रणाली पर वन सड़कों का निर्माण कराया गया।
इसी बीच वन क्षेत्र में कई बड़े कार्य कराए गए। वर्ष 1972 में वन्य जीव अधिनियम लागू होने के साथ ही वन्यजीव संरक्षण पर ध्यान देना शुरू किया गया। नब्बे के दशक में वनों एवं वन्यजीवों के संरक्षण को लेकर कई बड़े प्रयास शुरू किए गए। उन्होंने बताया कि नौ जून 2014 को पीलीभीत टाइगर रिजर्व का दर्जा दिया गया। वन एवं वन्यजीवों के संरक्षण पर प्राथमिकता के आधार पर कार्य किए गए। मैनेजमेंट एवं क्वालिटी ऑफ फॉरेस्ट्री के लिहाज से देखे तो पीटीआर देश के श्रेष्ठ टाइगर रिजर्वों में शुमार होने की ओर अग्रसर है।
पीटीआर के डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने भी पीटीआर की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि पीटीआर बाघ समेत वन्यजीवों की बढ़ती संख्या और यहां के जैव विविधता के लिए जाना जाता है। पर्यटन की दृष्टि से ही बात करें तो पीटीआर बनने के बाद वर्ष 2015 में 17582 पर्यटक पीटीआर में पहुंचे थे, वहीं वर्तमान पर्यटन सत्र में 38300 पर्यटक यहां पहुंच चुके हैं। इसमें 164 विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं। पर्यटकों की आमद से राजस्व में खासी बढ़ोत्तरी हुई है। पर्यटन सत्र के दौरान 1.12 करोड़ की आय हो चुकी है जोकि वर्ष 2020 से छह गुना अधिक है।
उन्होंने बताया कि पीटीआर में पर्यटन को बढ़ावा मिले, इसको लेकर कई कार्य कराए गए हैं। मुस्तफाबाद में बुकिंग सेंटर, चूका बीच में डबल स्टोरी कैंटीन निर्माण के साथ सप्त सरोवर पर नया टूरिज्म स्पॉट विकसित किया गया है। उन्होंने बताया कि नौ जून यानी रविवार को शहर के एक होटल में पीटीआर का दसवां स्थापना दिवस मनाया जा रहा है।
उन्होंने बताया कि स्थापना दिवस पर पांच शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगें। इसके अलावा डब्ल्यूडब्ल्यूएफ की ओर से रेस्क्यू व्हीकल समेत अन्य कर्मियों को किट आदि का वितरण किया जाएगा। साथ ही पीटीआर के 10 साल के इतिहास को एक फिल्म के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा। इस दौरान डीएफओ ट्रेनी भरत, उप प्रभागीय वनाधिकारी पीटीआर रमेश चौहान, उप प्रभागीय वनाधिकारी वन एवं वन्यजीव प्रभाग अंजनी श्रीवास्तव, पीलीभीत रेंज के रेंजर सतेंद्र मोहन श्रीवास्तव, डिप्टी रेंजर शेर सिंह, सर्वेश कुमार आदि मौजूद रहे।
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