प्रयागराज: नगर निगम के विस्तारित गांवों में शहरी बिजली आपूर्ति के लिए करना होगा लंबा इंतजार
सीमा विस्तार में झूंसी व हनुमानगंज के 33 गांव शामिल, आधे से ज्यादा गांवों में अब भी की जा रही है देहात की बिजली आपूर्ति
झूंसी/ प्रयागराज, अमृत विचार। नगर निगम के सीमा विस्तार में गंगापार के जोड़े गए 33 ग्रामसभाओं में शहरी बिजली की आपूर्ति अभी कोसो दूर है। इसकी सबसे बड़ी वजह इन गांवों में जर्जर बिजली के तार और उपेक्षित पड़े बिजली उप खंड हैं। इसके साथ ही अलग से फीडर बनाए जाने के बाद ही इन गांवों में 24 घंटे शहरी बिजली आपूर्ति संभव है। ऐसे में शहरी बिजली पाने के लिए नगर निगम में जोड़े गए गांव के लोगों को अभी लंबा इंतजार करना पड़ सकता है। हालांकि बिजली विभाग का दावा है कि जल्द ही नए फीडर बनाकर सीमा विस्तारित ग्रामसभाओं में शहरी बिजली आपूर्ति सुचारू कर दी जाएगी।
पिछले दिनों समीक्षा बैठक में डीएम ने नगर निगम के सीमा विस्तारित गांवों में शहर की तर्ज पर 24 घंटे बिजली आपूर्ति के निर्देश अफसरों को दिए थे। लेकिन डीएम के इस आदेश की पूर्ति तभी संभव है जब जर्जर तारों को बदलने के साथ ही देहात के बिजली उपकेंद्रों को भी अपडेट किया जाए। गंगापार के झूंसी और हनुमानगंज में कई ऐसे बिजली उपकेंद्र हैं। जो देहात की बिजली आपूर्ति करने में भी सक्षम नहीं हैं। ऐसे में शहरी बिजली की आपूर्ति करना उनके लिए किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होगा। गंगापार में नगर निगम की सीमा विस्तार के बाद झूंसी और आंशिक हनुमानगंज क्षेत्र में दस वार्डों का गठन किया गया है। इनमें से झूंसी आजाद नगर, झूंसी कोहना, हवेलिया और छतनाग वार्ड को छोड़ दिया जाए तो अन्य छह वार्डों के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में देहात की बिजली आपूर्ति की जा रही है। बिजली के जर्जर तारों के कारण इन गांवों के ग्रामीणों को लगातार 17 घंटे भी बिजली नसीब नहीं है। ऐसे में इन गांवों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की बात करना बेमानी माना जाएगा। गंगापार के अंदावा, अमरसापुर, कनिहार, सौनौटी, मलावां बुजुर्ग तथा कटका वार्ड के दो दर्जन से ज्यादा गांवों में अब भी देहात की बिजली आपूर्ति की जा रही है। इनमें से मलावा बुजुुुर्ग के बिजली उपकेंद्र की हालत बेहद जर्जर होने के कारण ग्रामीणों को 14 से 17 घंटे भी बिजली नसीब नहीं है। ग्रामीणों की माने तो हर दो घंटे पर लोकल फाल्ट के कारण आपूर्ति ठप्प पड़ जाती है। कमोवेेश यही स्थिति अंदावा, सोनौटी, कटका और अमरसापुर वार्ड के गांवों की भी है। सीमा विस्तार के बाद गंगापार के 33 ग्रामसभाओं को वार्ड बनाकर नगर निगम की सीमा में शामिल तो कर लिया गया लेकिन अब शहर के नाम पर उन्हें एक भी सुविधा नसीब नहीं है। इनमेंं सबसे ऊपर बिजली आपूर्ति आती है। जब तक इन ग्रामसभाओं के लिए अलग से फीडर बनाकर लाइन नहीं तैयार की जाएगी। शहरी तर्ज पर 24 घंटे बिजली की सप्लाई की बात करना ग्रामीणों के साथ बेमानी साबित होगा।
बन रही अलग से लाइन, जल्द होगी शहरी बिजली आपूर्ति
बहादुरपुर विकास खंड के कुल 33 गांव नगर निगम की सीमा क्षेत्र में आ गए हैं जिसमें कनिहार, लंगड़ीपुर, डुडुही, कुआंडीह, सरपतीपुर, भागीपुर, अंदावां, महेशपुर, तेंदुई, बरियारी, सराय शंकर, अमरसापुर, लोदीपुर, चमनगंज, सोनौटी आदि शामिल हैं। इन गांवों में 24 घंटे बिजली आपूर्ति होनी है। इस संबंध में एसडीओ हनुमानगंज शिव प्रकाश पांडेय का कहना है कि हमारे कार्य क्षेत्र में दो फीडर हैं जिसमें कई गांव नगरीय क्षेत्र में हो गए हैं। 24 घंटे बिजली आपूर्ति के लिए कार्य तेजी से चल रहा है। अलग से फीडर भी तैयार किया जा रहा है। जल्द ही यहां भी 24 घंटे बिजली आपूर्ति संभव हो पाएगी।
ये भी पढ़ें -Ayodhya accident: छात्राओं को ले जा रहा ई-रिक्शा ट्रॉली से टकराकर पलटा, 9 घायल, 5 की हालत गंभीर
