पीलीभीत: PTR के 10 साल...कार्ययोजना बताई, कई अफसर रहे मौजूद
पीलीभीत, अमृत विचार। पीलीभीत टाइगर रिजर्व का एक दशक पूरा हो गया। इसको लेकर पीटीआर द्वारा दसवां स्थापना दिवस मनाया गया। स्थापना दिवस पर जन-जागरण रैली निकाल लोगों को वन एवं वन्यजीवों के प्रति जागरूक किया गया। वहीं निशुल्क बस सेवा के जरिए लोगों को पीटीआर की सैर भी कराई गई।
स्थापना दिवस समारोह में अपर मुख्य सचिव समेत कई बड़े वन अफसरों ने शिरकत की। जिसमें स्थानीय वन अफसरों ने सभी के समक्ष दस साल के सफरनामे को प्रस्तुत कर उपलब्धियां गिनाई। वन एवं वन्यजीव क्षेत्र में बेहतर कार्य करने वाले सम्मानित भी हुए।
जनपद में रविवार का दिन ग्रीन सोल्जर्स के नाम रहा। वन अफसरों से लेकर वनकर्मी समेत महकमे से जुड़े प्रत्येक व्यक्ति के चेहरे पर खुशी साफ झलक रही थी। पीलीभीत टाइगर रिजर्व के दसवें स्थापना दिवस समारोह शहर के एक होटल में आयोजित किया गया। पीटीआर के कार्यवाहक फील्ड डायरेक्टर एवं डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने सभी आगंतुकों का स्वागत किया।
समारोह का शुभारंभ मुख्य अतिथि अपर मुख्य सचिव मनोज सिंह, पीसीसीएफ सुधीर कुमार शर्मा, एसपी अविनाश पांडेय ने किया। अपर मुख्य सचिव, पीसीसीएफ चीफ, एसपी समेत पीसीसीएफ मॉनिटरिंग एवं कार्ययोजना सुनील चौधरी, पीसीसीएफ वन्यजीव संजय श्रीवास्तव आदि ने वन महकमे की ओर से लगाई गई फोटो प्रदर्शनी, सोबेनियर शॉप और रेस्क्यू में इस्तेमाल होने वाले उपकरणों के लगे स्टॉल का अवलोकन किया। स्क्रीन पर एक वीडियो फिल्म के माध्यम से वन और वन्यजीवों को दर्शाया गया।
पीटीआर के कार्यवाहक फील्ड डायरेक्टर एवं सीसीएफ बरेली जोन विजय सिंह ने पीटीआर की दस वर्ष की उपलब्धियों के बारे में विस्तार से बताया। एसपी अविनाश पांडेय ने मानव-वन्यजीव संघर्ष में पुलिस की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए वन्यजीव अपराध करने वालों पर शिकंजा कसने में सहयोग करने का आश्वासन दिया। पीसीसीएफ सुधीर कुमार शर्मा समेत अन्य वन अफसरों ने भी विचार व्यक्त किए।
इस दौरान डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह द्वारा तैयार किए लैपर्ड-मानवजीव संघर्ष पोस्टर, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ द्वारा दुधवा-किशनपुर कॉरिडोर मैनेजमेंट रिपोर्ट का अनावरण भी किया गया। विश्व प्रकृति निधि के वरिष्ठ निदेशक डॉ. दीपांकर घोष ने पीलीभीत के जंगल के इतिहास और यहां की खासियत से सभी को रूबरू कराया।
समारोह में अमानगढ़ टाइगर रिजर्व के डीएफओ एके सिंह, दुधवा टाइगर रिजर्व बफर जोन के डीएफओ सौरिष्ट सहाय, डीएफओ बरेली दीक्षा भंडारी, डीएफओ रानीपुर टाइगर रिजर्व, उप प्रभागीय वनाधिकारी पीटीआर रमेश चौहान, उप प्रभागीय वनाधिकारी वन एवं वन्यजीव प्रभाग अंजनी श्रीवास्तव, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार, पीटीआर के पशु चिकित्सक डॉ. दक्ष गंगवार, डब्ल्यूटीआई की प्राजंलि भुजबल समेत पीटीआर और वन एवं वन्यजीव प्रभाग के सभी रेंजर, डिप्टी रेंजर समेत वनकर्मी व कार्यालय स्टाफ मौजूद रहा।
समापन पर डिप्टी डायरेक्टर मनीष सिंह ने सभी का आभार जताया। संचालन डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ परियोजना अधिकारी नरेश कुमार ने किया। समारोह स्थल से जन-जागरूकता रैली का आयोजन किया गया। रैली में 18 जिप्सी वाहन शामिल रहे। रैली समारोह स्थल से शुरू होकर असम चौराहा, नौगवा चौराहा, छतरी चौराहा, पीटीआर डिवीजन कार्यालय होते हुए बनकटी रोड से मुस्तफाबाद पहुंचकर संपन्न हो गई।
रैली के दौरान लोगों को वन एवं वन्यजीव के प्रति जागरुक किया गया। साथ ही वाइल्डलाइफ फोटोजर्नलिस्ट बिलाल खान की देश के 54 टाइगर रिजर्व पर आधारित हिंदी वन्यजीव पुस्तक सफ़रनामा भाग तीन का अपर मुख्य सचिव वन मनोज सिंह, पीसीसीएफ सुधीर कुमार शर्मा, पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ संजय श्रीवास्तव, पीसीसीएफ टाइगर प्रोजेक्ट सुनील चौधरी ने विमोचन किया।
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