IIT: लखनऊ के मधावियों ने भी दिखाया शानदान प्रदर्शन, जेईई एडवांस में राजधानी के ईशान, अंशुमान और युग रहे अव्वल
लखनऊ, अमृत विचार। आईआईटी की 10 हजार सीटों के लिए रविवार को जेईई एडवांस-2024 का परिणाम घोषित किया गया। जिसमें शहर के ईशान कृष्ण अग्रवाल ने उम्दा प्रदर्शन दिखाते हुए एआईआर 346वीं रैंक हासिल की। साथ ही अंशुमान मिश्रा को एआईआर 371 और युग शर्मा को एआईआर 606 मिली है। बता दें कि जेईई एडवांस की परीक्षा बीती 26 मई को आयोजित की गई थी।
लखनऊ में 20 से अधिक अभ्यर्थियों ने अच्छी रैंक प्राप्त की है। आरोह राय को 868वीं रैंक, ऋषिता राय को 925वीं रैंक, श्रेयांश चतुर्वेदी को 1103वीं रैंक, अतुल देव को 1249वीं रैंक, सानवी पुरवार को 1605वीं रैंक, शाश्वत वाजपेयी को 1879वीं रैंक, समर सिंह यादव को 1881वीं रैंक और अग्रिम सिंह को 1985वीं रैंक प्राप्त हुई है। जेईई एडवांस-2024 की परीक्षा एक और दो में कुल 1 लाख 80 हजार 200 अभ्यर्थी शामिल हुए थे। इसमें से 48 हजार 248 अभ्यर्थियों ने जेईई एडवांस की परीक्षा उत्तीर्ण की। इनमें 7,964 छात्राएं शामिल हैं।
काउंसलिंग आज से
जेईई एडवांस-2024 के परिणाम घोषित होने के बाद सोमवार को आईआईटी और एनआईटी में प्रवेश के लिए ज्वाइंट सीट एलोकेशन अथॉरिटी (जोसा) द्वारा काउंसलिंग शुरू होगी। इसका आयोजन 10 जून से 26 जुलाई के मध्य होगा। काउंसलिंग पांच चरणों में आयोजित की जा रही है। जोसा काउंसलिंग में 114 इंजीनियरिंग संस्थान सम्मिलित किए गए हैं। इसमें 23 आईआईटी, 31 एनआईटी, 26 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान और 34 अन्य तकनीकी संस्थान शामिल हैं। सीट आवंटन का पहला चरण 20 जून को होगा। वहीं पंजीकरण और विकल्प भरने की अंतिम तिथि 18 जून निर्धारित की गई है।
क्या बोले मेधावी...
निरंतर अभ्यास और समय प्रबंधन से मिली कामयाबी- ईशान
जेईई एडवांस में 346वीं रैंक हासिल करने वाले ईशान कृष्ण अग्रवाल का कहना है कि निरंतर अभ्यास से सफलता मिलती है। उनके भाई ने भी वर्ष 2020 में जेईई एडवांस उत्तीर्ण किया था। इसी के बाद उन्होंने परीक्षा में शामिल होने का मन बनाया। लक्ष्य निर्धारित होने पर समय प्रबंधन के सहारे पढ़ाई की। इसी के सहारे सफलता हासिल हुई। ईशान सफलता को लेकर कहते हैं कि बहुत कुछ माता-पिता से मिला है। ईशान के पिता एमपी अग्रवाल आईएएस हैं, साथ ही प्रमुख सचिव उच्च शिक्षा के पद पर कार्यरत हैं।
एआई समाज के लिए अच्छा लेकिन गलत प्रयोग न हो- अंशुमान
371वीं रैंक पाने वाले अंशुमान मिश्रा सफलता के लिए पाठ्यक्रमों को दोहराने की बात कहते हैं। उन्होंने बताया कि एआई का चलन तेजी से बढ़ रहा है। लेकिन ये समाज के लिए तभी अच्छा साबित होगा, जब इसका गलत प्रयोग न हो सके। इन्हें मेंस में 99.99 परसेंटाइल मिले थे।
मॉक टेस्ट देना जरूरी- युग
युग शर्मा को ऑल इंडिया रैंक में 606वां स्थान मिला है। इनका कहना है कि सफलता प्राप्त करनी है तो पाठ्यक्रम का रिवीजन करने के साथ-साथ मॉक टेस्ट देना जरूरी है। इसके सहारे तमाम सी समस्याओं के हल निकल सकते हैं। कहीं न कहीं इन्हीं सबकी मदद से परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों के समय में सुधार होगा और सवालों के हल भी ढूंढे जा सकेंगे। युग शर्मा का कहना है कि उनका लक्ष्य आईआईटी कानपुर से इंजीनियरिंग करना है।
मन को ताजा रखना है तो खेल जरूरी- आरोह
जेईई एडवांस में 868वीं रैंक लाने वाले आरोह राय ने कहा कि मन तरो-ताजा रखना है तो कोई न कोई खेल जरूर खेलते रहे। इसे दैनिक दिनचर्या में शामिल करना होगा। सोशल साइट का कम उपयोग ही बेहतर है। परीक्षाओं के लिए मॉक टेस्ट जरूरी है। पुरानी परीक्षाओं में आए प्रश्नों से भी मदद मिलती है।
यह भी पढ़ेः JEE Advanced Result 2024: जेईई एडवांस्ड का परिणाम जारी, 48248 उम्मीदवारों ने परीक्षा की उत्तीर्ण
