अयोध्या: 25 साल से लगाए बैठे हैं रेलवे क्रॉसिंग की आस, हर चुनाव में केवल वायदे तक रह जाती है लोगों की समस्या

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Edited By Amrit Vichar
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पूराबाजार/अयोध्या, अमृत विचार। नए सांसद अवधेश प्रसाद के सामने अयोध्या प्रयागराज रेलवे पर नैपुरा के पास रेलवे क्रॉसिंग बनवाने की गम्भीर चुनौती है। रेलवे क्रॉसिंग निर्माण की आशा से इलाके में लोकसभा चुनाव में सपा को अच्छी बढ़त भी मिली है।‌ रेलवे क्रॉसिंग का निर्माण न होने से एक दर्जन गांवों के लोग करीब 10 किलोमीटर दूर हो जाते हैं। हर चुनाव में रेलवे क्रॉसिंग के निर्माण की मांग होती है लेकिन चुनाव संपन्न होते ही मामला ठंडा बस्ते में चला जाता है।

अयोध्या प्रयागराज रेलवे लाइन पर नैपुरा गांव के पास रेलवे क्रॉसिंग निर्माण की मांग 25 वर्षों से चल रही है। रेलवे क्रॉसिंग का निर्माण न होने से नैपुरा, दोस्तपुर, निमोलिया, मिर्जापुर बभनगावां, चकियवां, बेगमपुर, गुन्नू का पुरवा, करौंदा, हेमराज का पुरवा, मखदुमपुर, इब्राहिमपुर के लोगों को गांव पहुंचने के लिए 10 किलोमीटर की दूरी घूम कर जाना पड़ता है।

नैपुरा के मनोज निषाद, अश्वनी निषाद, रामनरेश, महादेव राम निहाल, निमोलिया के कृपाराम, रामसुख, दोस्तपुर के रिपुदमन, रामदेव, देवी प्रसाद, मिर्जापुर के उदय राज, बद्री प्रसाद, बेगमपुर के रामजग, फूलचंद बताते हैं कि 2004, 2009, 2014 में रेलवे क्रॉसिंग की मांग जोर से उठाई गई थी।

2019 में तो इसी मांग को लेकर लोकसभा चुनाव का बहिष्कार किया गया था। 25 वर्षों से लोकसभा व विधानसभा कि चुनाव में रेलवे क्रॉसिंग के निर्माण की मांग की जाती है। चुनाव के दौरान तो प्रत्याशी वादे कर देते हैं लेकिन चुनाव बीत जाने के बाद फिर घूम कर दिखाई नहीं पड़ते। बड़ी आशा के साथ नवनिर्वाचित सांसद अवधेश प्रसाद को इलाके के सभी गांव में अच्छा समर्थन मिला। अब आशा हैं कि रेलवे क्रॉसिंग का निर्माण कराएंगे।

जोखिम भरा रास्ता बन गया है यहां 

वर्तमान में जहां रेलवे क्रॉसिंग निर्माण होना है बहुत ही खतरनाक है। पैदल तो लोग किसी तरह निकल जाते हैं लेकिन मोटरसाइकिल से जान जोखिम में डालकर लोग निकालते हैं। उसके बगल ही एक माइनर भी है जरा सा चूक जाने के बाद माइनर में फिसल जाने से कोई बड़ी अनहोनी हो सकती है।

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